भागलपुर के नवगछिया पुलिस लाइन में शनिवार सुबह पुलिस अवर निरीक्षक (SI) योगेश कुमार का शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस लाइन में मौजूद लोगं के अनुसार शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे पानी की टंकी बंद करने गए थे। वहीं से लौटने के बाद योगेश अपने कमरे में चले गए। उसके बाद उनका शव मिला। SDPO समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। फॉरेंसिक जांच टीम जांच में जुट गई है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला… पत्नी ने कई बार कॉल किया फोन रिसीव नहीं हुआ सुबह करीब पांच बजे उनकी पत्नी ने फोन किया, 20 से 25 बार कॉल करने के बाद भी रिसीव नहीं होने पर पत्नी ने पर योगेश के सहकर्मियों को कॉल किया। इसके बाद साथी पुलिस वाले कमरे में गए। पुलिसकर्मियों ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन न तो दरवाजा खुला, न कोई आवाज आई। जब उन्होंने खिड़की से देखा तो योगेश का शव फंदे से लटका हुआ था। घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। तीन महीने पहले हुई थी शादी योगेश बांका जिले के बौंसी बाराहाट के रहने वाले थे। मौत की खबर से उनके गांव तप्पाड़ीह में मातम पसरा है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। योगेश कुमार की शादी इसी साल 1 जुलाई को लखीसराय निवासी गुड़िया कुमारी से हुई थी। उनकी पत्नी पटना सचिवालय में कार्यरत हैं। परिजनों के अनुसार, दशहरा के दौरान गुड़िया अपने पति के पास नवगछिया आई थीं। दोनों ने साथ मिलकर त्योहार मनाया था। शादी के महज तीन महीने बाद योगेश की मौत से परिवार सदमेे है। 2020 से नवगछिया पुलिस लाइन में तैनात योगेश कुमार साल 2020 से नवगछिया पुलिस लाइन में तैनात थे। वह मेस के पीछे स्थित बैरक में सिंगल कमरे में रहते थे। 8 दिन पहले यानी 16 अक्टूबर 2026 को ही उन्हें सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) से अवर निरीक्षक (एसआई) के पद पर पदोन्नति मिली थी। वो इससे पहले नवगछिया एसपी के रीडर के रूप में भी काम कर चुके थे। बचपन में मां को खोया, सौतेली मां ने पाला योगेश अपने परिवार में आठ बहनों के इकलौते भाई थे। जब वह महज तीन साल के थे, तब सांप के काटने से उनकी मां सरस्वती देवी की मौत हो गई थी। बेटे और आठ बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी को देखते हुए उनके पिता रामकृष्ण साह ने उर्वशी देवी से दूसरी शादी की थी। उर्वशी देवी ने योगेश को अपने बच्चों की तरह प्यार और स्नेह दिया। योगेश की मौत के बाद उर्वशी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कहती हैं कि योगेश ने उन्हें कभी सौतेली मां होने का अहसास नहीं होने दिया। वह उन्हें सगी मां से भी बढ़कर सम्मान और स्नेह देता था। उसकी मौत ने उनके जीवन का सहारा छीन लिया है। परिवार के लोग योगेश के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई। फिलहाल घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। भागलपुर के नवगछिया पुलिस लाइन में शनिवार सुबह पुलिस अवर निरीक्षक (SI) योगेश कुमार का शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस लाइन में मौजूद लोगं के अनुसार शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे पानी की टंकी बंद करने गए थे। वहीं से लौटने के बाद योगेश अपने कमरे में चले गए। उसके बाद उनका शव मिला। SDPO समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। फॉरेंसिक जांच टीम जांच में जुट गई है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला… पत्नी ने कई बार कॉल किया फोन रिसीव नहीं हुआ सुबह करीब पांच बजे उनकी पत्नी ने फोन किया, 20 से 25 बार कॉल करने के बाद भी रिसीव नहीं होने पर पत्नी ने पर योगेश के सहकर्मियों को कॉल किया। इसके बाद साथी पुलिस वाले कमरे में गए। पुलिसकर्मियों ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन न तो दरवाजा खुला, न कोई आवाज आई। जब उन्होंने खिड़की से देखा तो योगेश का शव फंदे से लटका हुआ था। घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। तीन महीने पहले हुई थी शादी योगेश बांका जिले के बौंसी बाराहाट के रहने वाले थे। मौत की खबर से उनके गांव तप्पाड़ीह में मातम पसरा है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। योगेश कुमार की शादी इसी साल 1 जुलाई को लखीसराय निवासी गुड़िया कुमारी से हुई थी। उनकी पत्नी पटना सचिवालय में कार्यरत हैं। परिजनों के अनुसार, दशहरा के दौरान गुड़िया अपने पति के पास नवगछिया आई थीं। दोनों ने साथ मिलकर त्योहार मनाया था। शादी के महज तीन महीने बाद योगेश की मौत से परिवार सदमेे है। 2020 से नवगछिया पुलिस लाइन में तैनात योगेश कुमार साल 2020 से नवगछिया पुलिस लाइन में तैनात थे। वह मेस के पीछे स्थित बैरक में सिंगल कमरे में रहते थे। 8 दिन पहले यानी 16 अक्टूबर 2026 को ही उन्हें सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) से अवर निरीक्षक (एसआई) के पद पर पदोन्नति मिली थी। वो इससे पहले नवगछिया एसपी के रीडर के रूप में भी काम कर चुके थे। बचपन में मां को खोया, सौतेली मां ने पाला योगेश अपने परिवार में आठ बहनों के इकलौते भाई थे। जब वह महज तीन साल के थे, तब सांप के काटने से उनकी मां सरस्वती देवी की मौत हो गई थी। बेटे और आठ बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी को देखते हुए उनके पिता रामकृष्ण साह ने उर्वशी देवी से दूसरी शादी की थी। उर्वशी देवी ने योगेश को अपने बच्चों की तरह प्यार और स्नेह दिया। योगेश की मौत के बाद उर्वशी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कहती हैं कि योगेश ने उन्हें कभी सौतेली मां होने का अहसास नहीं होने दिया। वह उन्हें सगी मां से भी बढ़कर सम्मान और स्नेह देता था। उसकी मौत ने उनके जीवन का सहारा छीन लिया है। परिवार के लोग योगेश के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई। फिलहाल घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

