पुलिस में तैनात-बेटे पर मां को बेघर करने का आरोप:बक्सर SDM के आदेश पर बुजुर्ग को मिला घर, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत दिलाया कब्जा

पुलिस में तैनात-बेटे पर मां को बेघर करने का आरोप:बक्सर SDM के आदेश पर बुजुर्ग को मिला घर, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत दिलाया कब्जा

बक्सर के सिमरी में 60 साल से अधिक उम्र की दृष्टिहीन रामदुलारी देवी को प्रशासन की मदद से अपना घर वापस मिल गया। उनके बेटों पर उन्हें घर से निकालने और पेंशन की रकम निकालने का आरोप है। रविवार दोपहर डुमरांव के एसडीएम राजीव कुमार के आदेश पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके घर का कब्जा दिलाया। रामदुलारी देवी दोनों आंखों से देख नहीं सकती हैं। उनके पति सरकारी नौकरी में थे। उनकी मौत के बाद महिला को पेंशन मिलती थी। मकान में ताला लगाकर बुजुर्ग को किया बेघर आरोप है कि बेटों ने रामदुलारी देवी को घर से निकाल दिया था और मकान में ताला लगा दिया था। इसके बाद उन्हें रहने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। डुमरांव के एसडीएम राजीव कुमार के आदेश पर सिमरी के अंचल अधिकारी भगवती शंकर पांडेय ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत कार्रवाई की। पेंशन की रकम निकालने का भी आरोप रामदुलारी देवी की पेंशन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया गया कि उनका एक बेटा बिहार पुलिस में तैनात है, जिसने मां की पेंशन के आधार पर कर्ज लिया था। आरोप है कि कर्ज की किस्त कटने के बाद महिला को हर महीने केवल 5 हजार रुपये मिलते थे। यह रकम भी बेटा एटीएम से निकाल लेता था। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन की पहल से फिर मिला घर में रहने का अधिकार रविवार को प्रशासन की कार्रवाई के बाद रामदुलारी देवी को दोबारा अपने घर में रहने का अधिकार मिल सका। लंबे समय से परेशानी झेल रही बुजुर्ग महिला को राहत मिलने से वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और उनकी देखभाल का मुद्दा भी सामने आया है। प्रशासन की इस पहल ने संदेश दिया है कि बुजुर्ग माता-पिता को उनके आवास और अन्य अधिकारों से वंचित किए जाने की स्थिति में कानून के तहत सहायता ली जा सकती है। बक्सर के सिमरी में 60 साल से अधिक उम्र की दृष्टिहीन रामदुलारी देवी को प्रशासन की मदद से अपना घर वापस मिल गया। उनके बेटों पर उन्हें घर से निकालने और पेंशन की रकम निकालने का आरोप है। रविवार दोपहर डुमरांव के एसडीएम राजीव कुमार के आदेश पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके घर का कब्जा दिलाया। रामदुलारी देवी दोनों आंखों से देख नहीं सकती हैं। उनके पति सरकारी नौकरी में थे। उनकी मौत के बाद महिला को पेंशन मिलती थी। मकान में ताला लगाकर बुजुर्ग को किया बेघर आरोप है कि बेटों ने रामदुलारी देवी को घर से निकाल दिया था और मकान में ताला लगा दिया था। इसके बाद उन्हें रहने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। डुमरांव के एसडीएम राजीव कुमार के आदेश पर सिमरी के अंचल अधिकारी भगवती शंकर पांडेय ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत कार्रवाई की। पेंशन की रकम निकालने का भी आरोप रामदुलारी देवी की पेंशन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया गया कि उनका एक बेटा बिहार पुलिस में तैनात है, जिसने मां की पेंशन के आधार पर कर्ज लिया था। आरोप है कि कर्ज की किस्त कटने के बाद महिला को हर महीने केवल 5 हजार रुपये मिलते थे। यह रकम भी बेटा एटीएम से निकाल लेता था। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन की पहल से फिर मिला घर में रहने का अधिकार रविवार को प्रशासन की कार्रवाई के बाद रामदुलारी देवी को दोबारा अपने घर में रहने का अधिकार मिल सका। लंबे समय से परेशानी झेल रही बुजुर्ग महिला को राहत मिलने से वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और उनकी देखभाल का मुद्दा भी सामने आया है। प्रशासन की इस पहल ने संदेश दिया है कि बुजुर्ग माता-पिता को उनके आवास और अन्य अधिकारों से वंचित किए जाने की स्थिति में कानून के तहत सहायता ली जा सकती है।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *