शेखपुरा में पुलिस द्वारा स्कूली बच्चों को कानूनी रूप से जागरूक करने के लिए लगातार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को सामाजिक अपराधों, साइबर अपराध, लैंगिक असमानता, बाल सुरक्षा, बाल विवाह और महिला सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में महिला थानाध्यक्ष रिशु कुमारी और करन्डे थानाध्यक्ष ममता गिरी के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिला थाना द्वारा सदर प्रखंड के महसार पंचायत में शिविर लगाया गया, जबकि करन्डे थाना क्षेत्र में दलित विद्यालय बेलछी में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मानसिक, शारीरिक और कानूनी रूप से सक्षम बनाने का प्रयास इन शिविरों में स्कूली बच्चों को कानूनी तौर पर सशक्त बनाने के लिए पोस्टर और बैनर वितरित किए गए। महिलाओं को माहवारी के दौरान साफ-सफाई के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए सेनेटरी पैड भी बांटे गए। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्राप्त निर्देशों के आलोक में जिले में गठित ‘पुलिस दीदी’ टीमें विद्यालयों में स्कूली बच्चों, खासकर बालिकाओं को मानसिक, शारीरिक और कानूनी रूप से सक्षम बनाने का प्रयास कर रही हैं। बालिकाओं को किसी भी अपराध के प्रति हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी गई। उन्हें स्मार्टफोन का प्रयोग कम करने और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। 1930 पर कॉल कर ली जा सकती है मदद साथ ही, अंजान लिंक के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी से बचने के लिए भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी विकट स्थिति में वे स्थानीय थाना से संपर्क कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस की डायल सेवा 112 और साइबर सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पोर्टल 1930 पर मुफ्त में कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। पुलिस दीदी सादे कपड़ों और पुलिस वर्दी में स्कूल आने-जाने के समय हमेशा इन बालिकाओं की सुरक्षा में लगी रहती हैं। शेखपुरा में पुलिस द्वारा स्कूली बच्चों को कानूनी रूप से जागरूक करने के लिए लगातार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को सामाजिक अपराधों, साइबर अपराध, लैंगिक असमानता, बाल सुरक्षा, बाल विवाह और महिला सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में महिला थानाध्यक्ष रिशु कुमारी और करन्डे थानाध्यक्ष ममता गिरी के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिला थाना द्वारा सदर प्रखंड के महसार पंचायत में शिविर लगाया गया, जबकि करन्डे थाना क्षेत्र में दलित विद्यालय बेलछी में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मानसिक, शारीरिक और कानूनी रूप से सक्षम बनाने का प्रयास इन शिविरों में स्कूली बच्चों को कानूनी तौर पर सशक्त बनाने के लिए पोस्टर और बैनर वितरित किए गए। महिलाओं को माहवारी के दौरान साफ-सफाई के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए सेनेटरी पैड भी बांटे गए। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्राप्त निर्देशों के आलोक में जिले में गठित ‘पुलिस दीदी’ टीमें विद्यालयों में स्कूली बच्चों, खासकर बालिकाओं को मानसिक, शारीरिक और कानूनी रूप से सक्षम बनाने का प्रयास कर रही हैं। बालिकाओं को किसी भी अपराध के प्रति हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी गई। उन्हें स्मार्टफोन का प्रयोग कम करने और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। 1930 पर कॉल कर ली जा सकती है मदद साथ ही, अंजान लिंक के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी से बचने के लिए भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी विकट स्थिति में वे स्थानीय थाना से संपर्क कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस की डायल सेवा 112 और साइबर सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पोर्टल 1930 पर मुफ्त में कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। पुलिस दीदी सादे कपड़ों और पुलिस वर्दी में स्कूल आने-जाने के समय हमेशा इन बालिकाओं की सुरक्षा में लगी रहती हैं।

