पुतिन ने NATO देशों को परमाणु हमले की धमकी दी:कहा- कलिनिनग्राद पर हमला किया तो सारे हथियार तैयार; यहां 80 साल से रूसी कब्जा

पुतिन ने NATO देशों को परमाणु हमले की धमकी दी:कहा- कलिनिनग्राद पर हमला किया तो सारे हथियार तैयार; यहां 80 साल से रूसी कब्जा

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को NATO देशों को परमाणु हमले की धमकी दी। उन्होंने कहा कि रूस की किसी भी जमीन पर हमला हुआ, तो वह अपने सभी हथियारों से जवाब देगा। पुतिन ने मॉस्को में वल्दाई फोरम के दौरान कहा कि NATO अगर कैलिनिनग्राद को रूस से अलग करने की कोशिश करता है, तो रूस तुरंत जवाब देगा। कैलिनिनग्राद रूस का एक अलग इलाका है। यह रूस के बाकी हिस्से से जुड़ा नहीं है। यह रूस की सीमा से 300 किमी दूर यूरोप में पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद 1945 से इस इलाके पर रूस का कब्जा है। कैलिनिनग्राद रूस के लिए कैसे अहम पुतिन बोले- पश्चिमी देश रूस के साथ युद्ध की तैयारी कर रहे राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों और यूरोप पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश आने वाले वर्षों में रूस के साथ युद्ध की तैयारी की बात कर रहे हैं। उन्होंने बाल्टिक सागर में सैन्य अभ्यास और रूसी जहाजों को जब्त करने का भी जिक्र किया। उनका बयान मॉस्को की उस चेतावनी के बाद आया, जिसमें NATO से कहा गया था कि कैलिनिनग्राद की रक्षा के लिए रूस परमाणु हथियार इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा। दावा- NATO कैलिनिनग्राद की नाकाबंदी करने की तैयारी कर रहा है यूरोप में रूस के कई दूतावासों ने इस हफ्ते बयान जारी किए। इनमें कहा गया कि मॉस्को के पास जानकारी है कि NATO कैलिनिनग्राद और पूरे क्षेत्र की हवाई और नौसैनिक नाकाबंदी की तैयारी कर रहा है। रूस ने यूरोपीय नेताओं पर खतरनाक खेल खेलने का आरोप लगाया। रूस का कहना है कि यूरोपीय नेता लगातार यह दावा कर रहे हैं कि मॉस्को किसी दूसरे देश पर हमला कर सकता है या ड्रोन और तोड़फोड़ के जरिए दूसरे देशों में अस्थिरता फैला सकता है। रूस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। NATO बोला- रूस पर हमले की कोई तैयारी नहीं है NATO ने रूस की परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी का विरोध किया है। NATO की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने बुधवार को कहा, ‘हम बल प्रयोग की धमकी और गैर-जिम्मेदाराना परमाणु बयानों की कड़ी निंदा करते हैं।’ उन्होंने कहा कि NATO कैलिनिनग्राद को निशाना नहीं बना रहा है। NATO एक रक्षात्मक गठबंधन है और उसकी सैन्य गतिविधियों से रूस के किसी भी इलाके को खतरा नहीं है। NATO के चीफ मार्क रुटे ने भी रूस से परमाणु हमले की धमकियां बंद करने को कहा। उन्होंने दावा किया कि रूस चाहता है कि सदस्य देशों का ध्यान बंटे और यूक्रेन की मदद पर जोर कम हो जाए। लेकिन NATO ऐसा नहीं होने देगा। बाल्टिक सागर में NATO के सैन्य अभ्यास से तनाव बढ़ा NATO के सदस्य देशों ने हाल के महीनों में बाल्टिक सागर के आसपास सैन्य अभ्यास किए हैं। अक्टूबर में भी ऐसे अभ्यास की योजना है। पिछले साल NATO ने इस इलाके में ‘ऑपरेशन बाल्टिक सेंट्री’ शुरू किया था। इसका मकसद समुद्र के नीचे मौजूद संचार केबल और पाइपलाइन की सुरक्षा करना है। 18 अगस्त को NATO ने उत्तरी पोलैंड और बाल्टिक इलाके में सैन्य अभ्यास किया था। इसमें कई विमान शामिल हुए थे। अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक, इनमें ईए-37बी कंपास कॉल विमान भी शामिल था जो संचार और रडार सिस्टम को बाधित करने की क्षमता रखता है। ——————— यह खबर भी पढ़ें… पुतिन बोले-मोदी दोस्त, फिर भी जंग रोकने को कहते हैं: उनके पास अच्छे सुझाव; PM 5 मौकों पर यूक्रेन जंग का मुद्दा उठा चुके रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार यूक्रेन युद्ध खत्म करने की बात उठाते हैं। वह हर मुलाकात में युद्ध रोकने और शांति का रास्ता निकालने पर बात करते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *