इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीलीभीत के अमरिया तहसील क्षेत्र के खिरका गांव में कुर्क की गई करीब 22 एकड़ विवादित जमीन पर कथित तौर पर खेती और फसल कटाई के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने जिलाधिकारी पीलीभीत और एसडीएम अमरिया से अलग-अलग रिपोर्ट तलब की है। दोनों अधिकारियों से पूछा गया है कि कुर्की और रिसीवर नियुक्त करने के आदेश के बावजूद जमीन पर खेती और फसल कटाई की शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई। मामला थाना न्यूरिया क्षेत्र के खिरका गांव की विवादित जमीन से जुड़ा है। कोर्ट में पेश दस्तावेजों के अनुसार, विवाद की स्थिति को देखते हुए एसडीएम अमरिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 165(1) के तहत 2 फरवरी को विवादित संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था। निजी पक्षकारों ने याचिकाओं के जरिए इस आदेश को चुनौती दी थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-1, पीलीभीत ने 2 जून और 16 जुलाई को दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं। इसके बाद जमीन की कुर्की का आदेश बरकरार रहा। बहुरुआ गांव की प्रधान को बनाया गया था रिसीवर इसके बाद 4 अप्रैल को एसडीएम अमरिया ने बहुरुआ गांव की प्रधान को कुर्क की गई विवादित जमीन का रिसीवर नियुक्त किया था। आरोप है कि कुर्की के आदेश और रिसीवर की नियुक्ति के बावजूद निजी पक्षकार जमीन पर खेती करते रहे और खड़ी फसल भी काटी गई। रिसीवर की ओर से राज्य सरकार के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के साथ एसडीएम के समक्ष भी कई लिखित शिकायतें दी गईं। याचिका में आरोप लगाया गया कि बार-बार जानकारी दिए जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। हाईकोर्ट ने अधिकारियों से मांगा जवाब सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेजों पर विचार किया। कोर्ट ने इसके बाद जिलाधिकारी और एसडीएम अमरिया को शपथपत्र के साथ अलग-अलग रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में अधिकारियों को बताना होगा कि कुर्की और रिसीवर नियुक्ति के आदेशों के कथित उल्लंघन की शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई। साथ ही जमीन पर मौजूदा कब्जे और खेती की स्थिति, अनधिकृत हस्तक्षेप रोकने के लिए उठाए गए कदम और रिसीवर के काम में किसी तरह की बाधा न आने देने के लिए प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई का भी विवरण देना होगा। 8 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने अधिकारियों से संबंधित रिकॉर्ड और कार्रवाई का ब्योरा रिपोर्ट के माध्यम से पेश करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई के लिए 8 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है।

