प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी थी, लेकिन जमीन पर यह सफल नहीं हो पाया। सोशल मीडिया पर सरकारी कर्मचारी, अधिकारी और भाजपा के नेता, मंत्री व विधायक दीया जलाकर तस्वीरें पोस्ट करते दिखे। हालांकि, आम लोगों ने इसमें ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस पूरे आयोजन पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इसी क्रम में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजीत यादव ने प्रयागराज में पीएम पर कटाक्ष करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। सपा प्रवक्ता अजीत यादव ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान’ और देशभर में दीये जलाने के कार्यक्रमों की आलोचना की। उन्होंने इसे जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने का एक सोचा-समझा तरीका बताया। अजीत यादव ने कहा कि एक तरफ पूरा देश पारंपरिक रूप से ‘विश्वकर्मा पूजा’ मना रहा था, वहीं दूसरी तरफ ऐसे आयोजनों से राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी। अजीत यादव ने कोरोना महामारी के दौर की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उस समय आम नागरिक बड़े संकट से जूझ रहा था। सूरत, गुजरात से लेकर अंडमान-निकोबार और पंजाब तक लोग पैदल अपने घरों को लौट रहे थे। अस्पतालों में बेड और इलाज की जरूरत थी, लेकिन पीएम ने जनता की मदद करने के बजाय ताली बजाने, थाली पीटने, शंख बजाने, टॉर्च और मोमबत्ती जलाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी उसी तरह जनता को गुमराह करने के लिए ऐसे ही तरीके अपनाए जा रहे हैं। सपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार बुनियादी समस्याओं को हल करने में पूरी तरह नाकाम रही है। अस्पतालों और स्कूलों की हालत खराब है। विकास के नाम पर बनी सड़कें 15 दिनों में टूटकर गड्ढों में बदल जाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश और देश में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है। आए दिन हो रही हत्याएं, बलात्कार और अत्याचार की घटनाओं को रोकने में प्रशासन सफल नहीं हो पा रहा है। ‘नौटंकी’ और इवेंट्स पर कड़ा प्रहार
अजीत यादव ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज देश में केवल इवेंट मैनेजमेंट और नौटंकियों का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब इन सियासी ढकोसलों को अच्छी तरह समझ चुकी है। जनता को भाषणों, दीयों और दिखावटी अभियानों की नहीं, बल्कि ज़मीन पर रोजगार, मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की सख्त जरूरत है।

