पीलीभीत के अमरिया में रामलीला कमेटी विवाद को लेकर हुए तिहरे हत्याकांड से दहली अमरिया की फिजा बुधवार को आंसुओं और आक्रोश में डूबी रही। अंधाधुंध फायरिंग में जान गंवाने वाले दोनों सगे कारोबारी भाइयों, अंकित और मोहित, का बुधवार सुबह 11:00 बजे भारी सुरक्षा घेरे के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। श्मशान घाट पर मृतकों के बड़े भाई रोहित ने कांपते हाथों और नम आंखों से दोनों भाइयों को मुखाग्नि दी। दो चिताओं को एक साथ जलता देख वहां मौजूद हर आंख छलक पड़ी। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की तादाद में स्थानीय व्यापारी, ग्रामीण और परिचित शामिल हुए। माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए शव यात्रा के ठीक पीछे पुलिस की गाड़ियां और हथियारबंद जवान मार्च करते नजर आए। शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्य मंत्री हेमराज वर्मा समेत कई राजनीतिक हस्तियां भी मौके पर पहुंचीं और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की मांग की। तीन तस्वीरें देखें फिल्मी स्टाइल में हुआ ट्रिपल मर्डर फिल्मी अंदाज में हुआ था खूनी खेल यह सनसनीखेज वारदात सोमवार रात करीब 9:30 बजे घटी थी। रामलीला कमेटी के विवाद को लेकर मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता अपने गुर्गों के साथ पांच गाड़ियों के काफिले में सवार होकर पहुंचा। फिल्मी अंदाज में दोनों भाइयों को ललकारते हुए आरोपियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस हमले में अंकित और मोहित लहूलुहान होकर गिर पड़े। वहीं, वहां से गुजर रहा कुणाल श्रीवास्तव भी इस खूनी खेल की जद में आ गया और उसकी भी बेरहमी से जान ले ली गई। पोस्टमार्टम में सिर में गोली लगने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आया है कि अंकित के सिर और हाथ में दो गोलियां मारी गई थीं, जबकि बड़े भाई मोहित के सिर में एक गोली लगी थी। तीसरे मृतक कुणाल के सिर पर गंभीर चोटें पाई गईं, जिससे पुष्टि हुई कि उसकी मौत बर्बर पिटाई की वजह से हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम आलोक कुमार ने आरोपी संतोष की राइफल का लाइसेंस निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। मां बोली- खून का बदला खून, 3 जिलों की फोर्स मुस्तैद मंगलवार रात जब दोनों भाइयों के शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। मां नन्ही देवी बिलखते हुए ‘खून के बदले खून’ की मांग करती रहीं, वहीं अंकित की पत्नी खुशबू (जिनकी शादी महज 3 वर्ष पूर्व हुई थी) का रो-रोकर बुरा हाल है। इससे पहले मंगलवार शाम आक्रोशित परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष अमित सिंह के सामने विरोध प्रदर्शन और धक्का-मुक्की भी की थी। फिलहाल क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पीलीभीत सहित तीन जिलों की पुलिस फोर्स तैनात है और उच्चाधिकारी खुद कैंप कर हालात पर नजर रखे हुए हैं।

