ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच अभी तक फिर से डील पर सहमति नहीं बन पाई है। ईरान ने जहाँ होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) बंद होने और इस रणनीतिक जलमार्ग पर ईरानी कंट्रोल होने का दावा किया है, तो कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नेवी के कंट्रोल का दावा किया है। ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि अमेरिका की नेवी ने होर्मुज स्ट्रेट में एक ऐसी नाकेबंदी की है जिसे कोई भेद नहीं सकता। अब अमेरिका के युद्ध (रक्षा) मंत्री पीट हेग्सेथ ने इस बारे में एक बड़ी बात कही है।
“ईरान पर अनिश्चित काल तक नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रख सकता है अमेरिका”
हेग्सेथ ने पनामा सिटी में पत्रकारों से बात करते हुए ईरान को चेतावनी दी कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका अपनी नेवी नाकेबंदी को अनिश्चित काल तक बनाए रख सकता है। अमेरिकी युद्ध मंत्री ने साफ कर दिया कि ज़रूरत पड़ने पर अमेरिकी नेवी बिना किसी परेशानी के लंबे समय तक इस नाकेबंदी को जारी रह सकती है।
जहाजों को बदलकर बनाए रखी जा सकती है नाकेबंदी
हेग्सेथ ने पत्रकारों को बताया कि अमेरिकी नेवी ज़रूरत के हिसाब से इलाके में जहाजों को बदलकर नाकेबंदी बनाए रख सकती है। उन्होंने कहा, “हम जहाजों को बदलते रहेंगे जैसा कि हमने पहले भी किया है और आगे भी करते रहेंगे। इस तरह से हम ईरान के खिलाफ अनिश्चित काल तक नाकेबंदी बनाए रख सकते हैं।”
होर्मुज स्ट्रेट पर आमने-सामने ईरान और अमेरिका
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान और अमेरिका आमने-सामने हैं और दोनों देशों में जमकर जुबानी जंग चल रही है। ट्रंप का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला हुआ है और उन सभी देशों के जहाजों को इस रणनीतिक जलमार्ग से गुज़रने दिया जाएगा जिन्हें अमेरिका चाहता है। वहीँ ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय से सैन्य अधिकारी और प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोलफ़ाघारी (Ebrahim Zolfaghari) ने बयान जारी करते हुए कहा, “होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों के सामान्य आवागमन के बारे में अमेरिका के बेबुनियाद दावे झूठ और गलत बयानबाजी के अलावा और कुछ नहीं हैं। मैं यह घोषणा करता हूं कि होर्मुज स्ट्रेट पर पहले की तरह ही ईरान का पूरी तरह से कंट्रोल है। ईरान की शक्तिशाली सशस्त्र सेनाओं की मंजूरी और देखरेख के बिना कोई भी कमर्शियल जहाज या तेल का टैंकर इस जलमार्ग से सुरक्षित रूप से नहीं गुज़र सकता और आगे भी ऐसा ही रहेगा।”


