पीएचडी में एडमिशन के लिए रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) में चयन का फॉर्मूला एक है, लेकिन एकेडमिक स्कोर तय करने का तरीका अलग-अलग है। दोनों विश्वविद्यालयों में अंतिम चयन के लिए 70 अंक एकेडमिक स्कोर और 30 अंक इंटरव्यू के निर्धारित हैं। आरयू में रिसर्च क्वालिफाइंग परीक्षा के अंकों को आधार बनाया जा रहा है, जबकि डीएसपीएमयू में मैट्रिक से पीजी तक के अंकों के साथ जेआरएफ, नेट और पीएचडी क्वालिफाई करने की उपलब्धियों के आधार पर एकेडमिक पॉइंट तय किए जा रहे हैं। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच महज एक किलोमीटर की दूरी है, लेकिन एकेडमिक स्कोर की गणना के नियम अलग हैं। जब दोनों यूजीसी रेगुलेशन-2022 के आधार पर दाखिला ले रहे हैं, तो मेरिट तय करने के पैमाने अलग क्यों हैं? यही सवाल एकरूपता को लेकर उठ रहा है। लोकभवन पहले भी दे चुका है एकरूपता का निर्देश विश्वविद्यालयों के नियमों और सिलेबस में एकरूपता लाने का उद्देश्य उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता और स्पष्टता बढ़ाना है। लोकभवन की ओर से कुलपतियों की बैठकों में कई बार इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं। पहले पीएचडी प्रवेश परीक्षा का शुल्क भी अलग-अलग था। लोकभवन के हस्तक्षेप के बाद सभी विश्वविद्यालयों के लिए इसे 2,000 रुपए तय किया गया था। आरयू में 331 सीटों के लिए आज से इंटरव्यू रांची यूनिवर्सिटी में 29 विषयों की 331 सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। 22 से 24 अक्टूबर तक इंटरव्यू निर्धारित हैं। तैयारी पूरी कर ली गई है और कुछ विषयों के बाहरी एक्सपर्ट रांची पहुंच चुके हैं। अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। बाहर से आने वाले एक्सपर्ट को प्रतिदिन 5,000 रुपए मानदेय देने का प्रावधान है। वहीं, डीएसपीएमयू में 16 विषयों की 48 सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर है। यहां प्रत्येक अभ्यर्थी से 600 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। आवेदनों की स्क्रूटिनी के बाद इंटरव्यू की तिथि घोषित होगी। एकेडमिक स्कोर में यह है अंतर: आरयू में रिसर्च क्वालिफाइंग परीक्षा के अंकों के आधार पर 70 अंकों का वेटेज निर्धारित है। वहीं, डीएसपीएमयू में मैट्रिक, इंटर, यूजी और पीजी में प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर एकेडमिक पॉइंट तय किए गए हैं। इसके अलावा जेआरएफ, नेट और पीएचडी क्वालिफाई करने के लिए भी अंक निर्धारित हैं। यहां भी एकेडमिक स्कोर 70 अंकों का है। यूजीसी रेगुलेशन में प्रवेश के आधार पर अलग प्रावधान यूजीसी रेगुलेशन-2022 के अनुसार, विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन में प्रवेश परीक्षा को 70% और इंटरव्यू या वाइवा को 30% वेटेज दिया जाता है। वहीं, यूजीसी-नेट की श्रेणी-2 और श्रेणी-3 के अभ्यर्थियों के लिए नेट स्कोर को 70% और इंटरव्यू को 30% वेटेज देने का प्रावधान है। अंतिम मेरिट दोनों के संयुक्त स्कोर से तैयार होती है। ऐसे में दोनों विश्वविद्यालयों की मौजूदा चयन प्रक्रिया में एकेडमिक स्कोर तय करने के आधार और यूजीसी के संबंधित प्रावधानों के बीच तालमेल स्पष्ट होना जरूरी है। पीएचडी में एडमिशन के लिए रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) में चयन का फॉर्मूला एक है, लेकिन एकेडमिक स्कोर तय करने का तरीका अलग-अलग है। दोनों विश्वविद्यालयों में अंतिम चयन के लिए 70 अंक एकेडमिक स्कोर और 30 अंक इंटरव्यू के निर्धारित हैं। आरयू में रिसर्च क्वालिफाइंग परीक्षा के अंकों को आधार बनाया जा रहा है, जबकि डीएसपीएमयू में मैट्रिक से पीजी तक के अंकों के साथ जेआरएफ, नेट और पीएचडी क्वालिफाई करने की उपलब्धियों के आधार पर एकेडमिक पॉइंट तय किए जा रहे हैं। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच महज एक किलोमीटर की दूरी है, लेकिन एकेडमिक स्कोर की गणना के नियम अलग हैं। जब दोनों यूजीसी रेगुलेशन-2022 के आधार पर दाखिला ले रहे हैं, तो मेरिट तय करने के पैमाने अलग क्यों हैं? यही सवाल एकरूपता को लेकर उठ रहा है। लोकभवन पहले भी दे चुका है एकरूपता का निर्देश विश्वविद्यालयों के नियमों और सिलेबस में एकरूपता लाने का उद्देश्य उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता और स्पष्टता बढ़ाना है। लोकभवन की ओर से कुलपतियों की बैठकों में कई बार इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं। पहले पीएचडी प्रवेश परीक्षा का शुल्क भी अलग-अलग था। लोकभवन के हस्तक्षेप के बाद सभी विश्वविद्यालयों के लिए इसे 2,000 रुपए तय किया गया था। आरयू में 331 सीटों के लिए आज से इंटरव्यू रांची यूनिवर्सिटी में 29 विषयों की 331 सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। 22 से 24 अक्टूबर तक इंटरव्यू निर्धारित हैं। तैयारी पूरी कर ली गई है और कुछ विषयों के बाहरी एक्सपर्ट रांची पहुंच चुके हैं। अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। बाहर से आने वाले एक्सपर्ट को प्रतिदिन 5,000 रुपए मानदेय देने का प्रावधान है। वहीं, डीएसपीएमयू में 16 विषयों की 48 सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर है। यहां प्रत्येक अभ्यर्थी से 600 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। आवेदनों की स्क्रूटिनी के बाद इंटरव्यू की तिथि घोषित होगी। एकेडमिक स्कोर में यह है अंतर: आरयू में रिसर्च क्वालिफाइंग परीक्षा के अंकों के आधार पर 70 अंकों का वेटेज निर्धारित है। वहीं, डीएसपीएमयू में मैट्रिक, इंटर, यूजी और पीजी में प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर एकेडमिक पॉइंट तय किए गए हैं। इसके अलावा जेआरएफ, नेट और पीएचडी क्वालिफाई करने के लिए भी अंक निर्धारित हैं। यहां भी एकेडमिक स्कोर 70 अंकों का है। यूजीसी रेगुलेशन में प्रवेश के आधार पर अलग प्रावधान यूजीसी रेगुलेशन-2022 के अनुसार, विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन में प्रवेश परीक्षा को 70% और इंटरव्यू या वाइवा को 30% वेटेज दिया जाता है। वहीं, यूजीसी-नेट की श्रेणी-2 और श्रेणी-3 के अभ्यर्थियों के लिए नेट स्कोर को 70% और इंटरव्यू को 30% वेटेज देने का प्रावधान है। अंतिम मेरिट दोनों के संयुक्त स्कोर से तैयार होती है। ऐसे में दोनों विश्वविद्यालयों की मौजूदा चयन प्रक्रिया में एकेडमिक स्कोर तय करने के आधार और यूजीसी के संबंधित प्रावधानों के बीच तालमेल स्पष्ट होना जरूरी है।

