महोबा के चरखारी कोतवाली क्षेत्र के रिवई गांव में रविवार शाम मॉडल स्कूल के पीछे मिट्टी निकालने के लिए खोदे गए पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब बच्चे गड्ढे के आसपास खेल रहे थे। पैर फिसलने से तीनों बच्चे पानी में जा गिरे। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंची। करीब डेढ़ घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद तीनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला गया। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मिट्टी निकालने के लिए खोदा था गड्ढा, बारिश से भर गया था पानी रिवई गांव में मॉडल स्कूल के पीछे मिट्टी निकालने के लिए बड़ा गड्ढा खोदा गया था। बारिश के कारण इसमें काफी पानी भर गया था। रविवार शाम करीब 6 बजे गांव के कुछ बच्चे वहां खेल रहे थे। इसी दौरान पैर फिसलने से तीन बच्चे गहरे पानी में गिर गए और डूब गए। मृतकों की पहचान 14 वर्षीय प्रिंस अहिरवार, 11 वर्षीय रोशनी अहिरवार और 10 वर्षीय अंशुल अहिरवार के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, प्रिंस और रोशनी चचेरे भाई-बहन थे, जबकि अंशुल उनके पड़ोस में रहता था।
डेढ़ घंटे चला रेस्क्यू, चौकी प्रभारी खुद पानी में उतरे बच्चों के डूबने की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। रिवई चौकी प्रभारी सुजीत जायसवाल, सीओ चरखारी दीपक दुबे समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची। चौकी प्रभारी खुद पानी में उतरे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से बच्चों की तलाश शुरू की। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला गया। तीनों को तत्काल सीएचसी चरखारी ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एसडीएम ने परिवारों से मुलाकात कर दी सांत्वना हादसे की जानकारी मिलने पर चरखारी एसडीएम अवनीश कुमार तिवारी और राजस्व टीम भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृत बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। एसडीएम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार पीड़ित परिवारों को सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एक ही गांव के तीन बच्चों की मौत से पूरे रिवई गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

