झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पलामू के पंडवा प्रखंड में धान बेचने के बाद लंबे समय से बकाया राशि का इंतजार कर रहे 104 किसानों को बड़ी राहत दी है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य सरकार को 2 माह के अंदर इन किसानों के बकाये की राशि हाईकोर्ट में जमा कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि जब इन किसानों पर धान खरीद में अनियमितता का कोई आरोप नहीं है और उन्हें आपूर्ति की रसीद भी मिली है, तो दूसरे किसानों पर लगे आरोपों के आधार पर उनका भुगतान रोकना उचित नहीं है। कोर्ट ने कहा कि खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव आदेश के अनुपालन के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। उन्हें 7 दिसंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी। अदालत 10 दिसंबर को मामले की समीक्षा करेगा। अदालत ने शेष 24 किसानों के मामले में सरकार को जांच की छूट दी है। सरकार को एक माह के अंदर जांच शुरू कर अधिकतम चार माह में पूरी करनी होगी। झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पलामू के पंडवा प्रखंड में धान बेचने के बाद लंबे समय से बकाया राशि का इंतजार कर रहे 104 किसानों को बड़ी राहत दी है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य सरकार को 2 माह के अंदर इन किसानों के बकाये की राशि हाईकोर्ट में जमा कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि जब इन किसानों पर धान खरीद में अनियमितता का कोई आरोप नहीं है और उन्हें आपूर्ति की रसीद भी मिली है, तो दूसरे किसानों पर लगे आरोपों के आधार पर उनका भुगतान रोकना उचित नहीं है। कोर्ट ने कहा कि खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव आदेश के अनुपालन के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। उन्हें 7 दिसंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी। अदालत 10 दिसंबर को मामले की समीक्षा करेगा। अदालत ने शेष 24 किसानों के मामले में सरकार को जांच की छूट दी है। सरकार को एक माह के अंदर जांच शुरू कर अधिकतम चार माह में पूरी करनी होगी।

