टीकमगढ़ में पितृ मोक्ष अमावस्या पर पूर्वजों को विदा किया:वृंदावन और महेंद्र सागर तालाब पर तर्पण, श्रद्धालुओं ने सुख-शांति की कामना

टीकमगढ़ में पितृ मोक्ष अमावस्या पर पूर्वजों को विदा किया:वृंदावन और महेंद्र सागर तालाब पर तर्पण, श्रद्धालुओं ने सुख-शांति की कामना

टीकमगढ़ में शनिवार को पितृ मोक्ष अमावस्या पर वृंदावन और महेंद्र सागर तालाब पर कई लोग पूर्वजों का तर्पण करने पहुंचे। पंडितों ने विधि-विधान से तर्पण कराया। 15 दिन चला पितृपक्ष आज खत्म हो गया। पंडित विष्णुदत्त दुबे ने बताया, पूर्णिमा से शुरू इस अनुष्ठान में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। सुबह 6 से रात 9 बजे तक पितरों को तर्पण अर्पित कर आत्मशांति की प्रार्थना की गई। महेंद्र सागर, वृंदावन तालाब और शिवधाम कुंडेश्वर की जमडार नदी पर भी लोग पहुंचे। पंडित राधेश्याम द्विवेदी ने बताया, पितृपक्ष का सनातन धर्म में खास महत्व है। लोग पितरों की आत्मशांति के लिए तर्पण और पिंडदान करते हैं। मान्यता है कि इन कर्मों से परिवार में सुख-समृद्धि रहती है। अमावस्या पर अनुष्ठान खत्म कर पितरों का विसर्जन किया गया। पंडित कौस्तुभ तिवारी ने बताया, तालाबों पर पूर्वजों को जल देकर तर्पण हुआ। कुश, तिल, जल, चावल आदि का विसर्जन कर जनेऊ बदला। घर आकर पूर्वजों के नाम का हवन कर उन्हें विदा किया गया।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *