पलवल में राजपूत-कोली समाज की पंचायत:शादी में 11 हजार रुपए, 2 तोले सोना की सीमा तय; शादी में शाकाहारी भोजन, तेज डीजे-शराब पर रोक

पलवल में राजपूत-कोली समाज की पंचायत:शादी में 11 हजार रुपए, 2 तोले सोना की सीमा तय; शादी में शाकाहारी भोजन, तेज डीजे-शराब पर रोक

पलवल में समाज में शादी-ब्याह के दौरान होने वाले फिजूलखर्च को रोकने और सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए राजपूत और कोली समाज ने पहल की है। दोनों समाजों ने मिंडकोला में 6 सितंबर को हुई 52 पालों की महापंचायत में लिए गए फैसलों का समर्थन किया है। रविवार को पलवल में दोनों समाजों की अलग-अलग पंचायतें हुईं। इनमें सर्वसम्मति से शादी-ब्याह में खर्च की सीमा तय करने और मृत्यु भोज जैसी परंपराओं को बंद करने का संकल्प लिया गया। पंचायतों में तय किया गया कि शादी में दहेज और अन्य रस्मों के नाम पर तय सीमा से अधिक सामान या नकदी नहीं दी जाएगी। इसके अलावा बारात में अधिकतम 51 लोगों को ही बुलाया जा सकेगा। आयोजनों में सादा और शाकाहारी भोजन रखने पर भी सहमति बनी। सोहना रोड स्थित महाराणा प्रताप भवन में राजपूत समाज की पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता नगर पालिका के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने की, जबकि संचालन संजय राणा ने किया। पूर्व विधायक शारदा राठौर, नयनपाल रावत, दीपक मंगला और पूर्व मंत्री करण दलाल भी विशेष रूप से मौजूद रहे। वहीं, न्यू कॉलोनी स्थित पंजाबी धर्मशाला में कोली समाज की पंचायत रणजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई। दोनों पंचायतों में शादी की अलग-अलग रस्मों, कन्यादान, लग्न-सगाई और भात में दिए जाने वाले नकद रुपए, कपड़े और गहनों की सीमा तय की गई। साथ ही तेज डीजे और शराब पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया। शादी और कन्यादान में तय की गई सीमा पंचायतों में फैसला लिया गया कि शादी और कन्यादान के दौरान अधिकतम 11 हजार रुपए नकद, 11 बर्तन, परिवार के कपड़े, एक संदूक, एक अलमारी, एक बेड, दो तोले सोना और 100 ग्राम चांदी ही दी जाएगी। इससे अधिक सामान या नकदी नहीं दी जाएगी। लग्न-सगाई में ये रहेंगे नियम लग्न-सगाई के दौरान लड़के को एक रुपया, 5 कपड़े और एक किलो मिठाई दी जाएगी। लड़के पक्ष से केवल 5 लोग आएंगे। लग्न लेकर कन्या पक्ष से 2 लोग जाएंगे। वे एक रुपया, पांच कपड़े, बताशे और नारियल लेकर जाएंगे। गोद भराई में 5 महिलाएं और 5 पुरुष जाएंगे गोद भराई की रस्म में 5 महिलाओं और 5 पुरुषों को ही जाने की अनुमति होगी। इस दौरान एक अंगूठी, एक जोड़ी कपड़े और एक किलो मिठाई दी जाएगी। विदाई के समय केवल 101 रुपए देने का फैसला लिया गया। भात में भी खर्च की सीमा तय भात न्योतने के लिए 11 महिलाएं जा सकेंगी। भात की विदाई के समय प्रति व्यक्ति 101 रुपए दिए जाएंगे। भात लेकर 11 लोग ही जाएंगे। इसमें परिवार के कपड़े, एक तोला सोना और 100 ग्राम चांदी दी जा सकेगी। थाली में 101 रुपए ही रखे जाएंगे। मृत्यु भोज पर पूर्ण रोक, एक साल बाद कथा की छूट पंचायतों में फैसला लिया गया कि बारात में अधिकतम 51 लोग ही शामिल होंगे। शादी में शुद्ध शाकाहारी और सादा भोजन रखा जाएगा। कन्यादान के बाद कन्या पक्ष के ग्रामीण भोजन नहीं करेंगे। मृत्यु भोज पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, मृत्यु के एक साल बाद कथा करने की छूट रहेगी। इसके अलावा तेज आवाज में डीजे बजाने और शराब पर भी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया। दोनों समाजों ने इन नियमों को लागू करने और सामाजिक आयोजनों में सादगी अपनाने का संकल्प लिया।

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