मेरठ में सोमवार को मोहित जाटव और डॉ. दिग्विजय भाटी के साथ कथित उत्पीड़न के विरोध में दलित समाज के लोगों ने पैदल मार्च का ऐलान किया था । मार्च चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से शुरू होकर मेरठ कमिश्नरी तक जानी थी। आयोजकों का कहना था कि मार्च का उद्देश्य प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए दोनों नेताओं के मामले में न्याय की मांग करना था। पदयात्रा से पहले सपा नेता गौरव गुर्जर काजीपुर को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। हाउस अरेस्ट के दौरान गौरव गुर्जर ने वीडियो जारी कर शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हमारे लोगों के साथ मारपीट की जाती है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है, लेकिन इसके बाद भी उनकी मेडिकल जांच तक नहीं कराई जाती। उन्होंने कहा कि दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के मामले को तीन-चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक दोनों की डॉक्टरी नहीं हुई है। गौरव गुर्जर ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार दलित और गुर्जर समाज की आवाज को दबाने का काम कर रही है। गौरव गुर्जर ने कहा कि वे अपने साथियों के लिए पदयात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम रुकने वाले नहीं हैं। हमारे रास्ते में पुलिस कार्रवाई करने का काम करेगी, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे। अगर हम संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज नहीं उठा सकते, अपनी इच्छा-अधिकार की बात नहीं बता सकते, तो फिर यह कैसे लोकतंत्र है ?” उन्होंने कहा कि आंदोलन संविधान के दायरे में रहकर किया जा रहा है। उन्होंने समाज के लोगों से भी बड़ी संख्या में एकजुट होने की अपील की। गौरव गुर्जर ने कहा कि आज किसी दूसरे के बेटे के साथ अन्याय हो रहा है तो कल किसी और परिवार की बारी हो सकती है। उन्होंने दलित, पिछड़े और गुर्जर समाज समेत सभी लोगों से अपनी आवाज उठाने और पदयात्रा में साथ आने की अपील की। गौरव गुर्जर ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज के सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने दोहराया कि प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद वे पीछे नहीं हटेंगे और संवैधानिक तरीके से अपनी बात उठाते रहेंगे।

