उज्जैन में चार साल पहले हुए जघन्य हत्याकांड में बुधवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपियों ने मिलकर पति के सिर और गुप्तांगों पर हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। मामले में मृतक के 10 वर्षीय बेटे की गवाही अहम रही। उसने अदालत में घटना का ब्योरा दिया, जिसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया। उप-निदेशक अभियोजन राजेंद्र कुमार खांडेगर ने बताया कि 24 दिसंबर 2022 को भैरवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम झिरनिया में जितेंद्र बंजारा का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। जांच में सामने आया कि जितेंद्र की पत्नी पूजा के राकेश से संबंध थे। घटना के समय जितेंद्र ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। विरोध करने पर राकेश ने पास में रहने वाले ईश्वर को फोन कर बुलाया। विवाद के दौरान राकेश ने जितेंद्र की गर्दन मरोड़ दी, जबकि ईश्वर ने उसके गुप्तांगों पर लात-घूंसों से हमला किया। इसके बाद पूजा ने घर में रखी हथौड़ी से पति के सिर पर वार किया। आरोपियों ने जितेंद्र की हत्या कर शव घर के पास एक गड्ढे में फेंक दिया। मर्ग जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और साझा मंशा से अपराध करने की धाराओं में मामला दर्ज किया। घटना के समय मृतक का बेटा आठ साल का था। सुनवाई के दौरान 10 वर्षीय बालक ने अदालत में अपने सामने हुई घटना के बारे में विस्तार से बयान दिया। अभियोजन के अनुसार, उसकी गवाही मामले में महत्वपूर्ण रही। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा की अदालत ने आरोपी राकेश पिता भैरूसिंह कुशवाह (28), ईश्वरसिंह पिता गोवर्धन सिंह बंजारा (26) और पूजा पति जितेंद्र बंजारा (26), सभी निवासी ग्राम झिरन्या, थाना भैरवगढ़, जिला उज्जैन को धारा 302/34 भादवि के तहत आजीवन कारावास और कुल 31 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

