मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र के रामबाग चौड़ी में रिटायर्ड बैंककर्मी अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम कुंवर की हत्या के मामले में पुलिस ने गुरुवार रात एक और संदिग्ध की तस्वीर जारी की है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर AI तकनीक की मदद से संदिग्ध की तस्वीर को साफ कर तैयार कराया गया है। पहचान या गिरफ्तारी में मदद करने वाले को पुलिस ने 50 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है। इससे पहले 26 जुलाई को पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध का स्केच जारी कर उसकी सूचना देने वाले के लिए 10 हजार का इनाम घोषित किया था। दो महीने बाद भी मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। 20 जुलाई को घर में मिला था दंपती का शव यह चर्चित दोहरा हत्याकांड 20 जुलाई 2026 को हुआ था। रामबाग चौड़ी स्थित घर में रिटायर्ड पंजाब नेशनल बैंककर्मी अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम कुंवर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। अशोक कुंवर का शव पहली मंजिल के बेडरूम में पलंग पर औंधे मुंह पड़ा मिला था। उनके शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे। कमरे में खून के निशान थे और दीवारों तक पर खून के छींटे मिले थे। वहीं, नीलम कुंवर का शव दूसरी मंजिल के कमरे में मिला था। उनके हाथ-पैर पलंग के चारों खंभों से रस्सी से बांधे गए थे। चेहरे पर चौड़ी टेप चिपकाई गई थी, जबकि गले में गमछा कसा हुआ था। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका हुई थी कि बदमाश हत्या के लिए रस्सी, चाकू और टेप जैसी चीजें पहले से लेकर आए थे। CCTV में मां को छत की ओर भागते देखा घटना की जानकारी सबसे पहले दंपती के बेटे डॉ. निखिल कुमार को हुई। घर में लगे CCTV से जुड़ी गतिविधियां देखने पर उन्हें दो संदिग्ध युवकों की गतिविधियां दिखाई दीं। फुटेज में उनकी मां नीलम कुंवर को भी छत की ओर भागते हुए देखा गया। निखिल ने कई बार अपने माता-पिता को फोन किया, लेकिन दोनों के मोबाइल बंद मिले। अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने पड़ोसी अमित कुमार उर्फ चिक्कू को फोन कर घर जाकर देखने को कहा। चिक्कू जब घर पहुंचे तो नीचे के एक किराएदार के साथ टॉर्च लेकर ऊपर गए। वहां अशोक कुंवर का शव खून से लथपथ मिला। इसके बाद दूसरी मंजिल पर नीलम कुंवर का शव मिला। उन्होंने तत्काल निखिल को सूचना दी और फिर पुलिस को घटना की जानकारी दी। तीन दिन पहले किराएदार बनकर आए थे संदिग्ध जांच में यह बात सामने आई कि घटना से कुछ दिन पहले संदिग्धों में से एक किराएदार बनकर मकान में आया था। मकान में करीब साढ़े चार साल से किराए पर रह रही कृष्णा देवी के अनुसार, 18 जुलाई(शनिवार) की शाम एक नया रेंटर कमरा लेने आया था। उसके पास एक झोला, झाड़ू और सिलेंडर था। रविवार(19 जुलाई) को भी वह करीब 11 बजे झोला लेकर आया था। इसके बाद वह बाहर नहीं निकला। सोमवार शाम(20 जुलाई) करीब चार बजे CCTV में उसके वहां से निकलने की गतिविधि दिखाई दी। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम को हत्या की साजिश और संदिग्धों की पहचान से जोड़कर जांच कर रही है। SIT गठित, पहले स्केच पर ₹10 हजार इनाम मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT का गठन किया था। टीम ने CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान का प्रयास शुरू किया। 26 जुलाई को पुलिस ने पहले संदिग्ध का स्केच जारी किया था और उसकी जानकारी देने वाले के लिए ₹10 हजार इनाम घोषित किया था। इसके बावजूद पुलिस को उसकी गिरफ्तारी या ठिकाने के संबंध में अब तक सफलता नहीं मिली। अब दूसरे संदिग्ध की AI तस्वीर जारी अब पुलिस ने CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे दूसरे संदिग्ध की तस्वीर जारी की है। गुरुवार रात जारी तस्वीर को AI तकनीक की मदद से CCTV फुटेज से मिली तस्वीर को साफ कर तैयार कराया गया है, ताकि संदिग्ध की पहचान में आसानी हो सके। पुलिस ने उसकी पहचान और गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति के लिए ₹50 हजार का इनाम घोषित किया है। पुलिस की ओर से जारी तस्वीर के जरिए संदिग्ध तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के करीब दो महीने बाद भी दोहरे हत्याकांड में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। SIT CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य बिंदुओं के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र के रामबाग चौड़ी में रिटायर्ड बैंककर्मी अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम कुंवर की हत्या के मामले में पुलिस ने गुरुवार रात एक और संदिग्ध की तस्वीर जारी की है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर AI तकनीक की मदद से संदिग्ध की तस्वीर को साफ कर तैयार कराया गया है। पहचान या गिरफ्तारी में मदद करने वाले को पुलिस ने 50 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है। इससे पहले 26 जुलाई को पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध का स्केच जारी कर उसकी सूचना देने वाले के लिए 10 हजार का इनाम घोषित किया था। दो महीने बाद भी मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। 20 जुलाई को घर में मिला था दंपती का शव यह चर्चित दोहरा हत्याकांड 20 जुलाई 2026 को हुआ था। रामबाग चौड़ी स्थित घर में रिटायर्ड पंजाब नेशनल बैंककर्मी अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम कुंवर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। अशोक कुंवर का शव पहली मंजिल के बेडरूम में पलंग पर औंधे मुंह पड़ा मिला था। उनके शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे। कमरे में खून के निशान थे और दीवारों तक पर खून के छींटे मिले थे। वहीं, नीलम कुंवर का शव दूसरी मंजिल के कमरे में मिला था। उनके हाथ-पैर पलंग के चारों खंभों से रस्सी से बांधे गए थे। चेहरे पर चौड़ी टेप चिपकाई गई थी, जबकि गले में गमछा कसा हुआ था। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका हुई थी कि बदमाश हत्या के लिए रस्सी, चाकू और टेप जैसी चीजें पहले से लेकर आए थे। CCTV में मां को छत की ओर भागते देखा घटना की जानकारी सबसे पहले दंपती के बेटे डॉ. निखिल कुमार को हुई। घर में लगे CCTV से जुड़ी गतिविधियां देखने पर उन्हें दो संदिग्ध युवकों की गतिविधियां दिखाई दीं। फुटेज में उनकी मां नीलम कुंवर को भी छत की ओर भागते हुए देखा गया। निखिल ने कई बार अपने माता-पिता को फोन किया, लेकिन दोनों के मोबाइल बंद मिले। अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने पड़ोसी अमित कुमार उर्फ चिक्कू को फोन कर घर जाकर देखने को कहा। चिक्कू जब घर पहुंचे तो नीचे के एक किराएदार के साथ टॉर्च लेकर ऊपर गए। वहां अशोक कुंवर का शव खून से लथपथ मिला। इसके बाद दूसरी मंजिल पर नीलम कुंवर का शव मिला। उन्होंने तत्काल निखिल को सूचना दी और फिर पुलिस को घटना की जानकारी दी। तीन दिन पहले किराएदार बनकर आए थे संदिग्ध जांच में यह बात सामने आई कि घटना से कुछ दिन पहले संदिग्धों में से एक किराएदार बनकर मकान में आया था। मकान में करीब साढ़े चार साल से किराए पर रह रही कृष्णा देवी के अनुसार, 18 जुलाई(शनिवार) की शाम एक नया रेंटर कमरा लेने आया था। उसके पास एक झोला, झाड़ू और सिलेंडर था। रविवार(19 जुलाई) को भी वह करीब 11 बजे झोला लेकर आया था। इसके बाद वह बाहर नहीं निकला। सोमवार शाम(20 जुलाई) करीब चार बजे CCTV में उसके वहां से निकलने की गतिविधि दिखाई दी। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम को हत्या की साजिश और संदिग्धों की पहचान से जोड़कर जांच कर रही है। SIT गठित, पहले स्केच पर ₹10 हजार इनाम मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT का गठन किया था। टीम ने CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान का प्रयास शुरू किया। 26 जुलाई को पुलिस ने पहले संदिग्ध का स्केच जारी किया था और उसकी जानकारी देने वाले के लिए ₹10 हजार इनाम घोषित किया था। इसके बावजूद पुलिस को उसकी गिरफ्तारी या ठिकाने के संबंध में अब तक सफलता नहीं मिली। अब दूसरे संदिग्ध की AI तस्वीर जारी अब पुलिस ने CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे दूसरे संदिग्ध की तस्वीर जारी की है। गुरुवार रात जारी तस्वीर को AI तकनीक की मदद से CCTV फुटेज से मिली तस्वीर को साफ कर तैयार कराया गया है, ताकि संदिग्ध की पहचान में आसानी हो सके। पुलिस ने उसकी पहचान और गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति के लिए ₹50 हजार का इनाम घोषित किया है। पुलिस की ओर से जारी तस्वीर के जरिए संदिग्ध तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के करीब दो महीने बाद भी दोहरे हत्याकांड में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। SIT CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य बिंदुओं के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

