पठानकोट का जवान श्रीनगर में शहीद:खाई में गिरा ट्रक, बच्चे के जन्म से पहले ही छिना पिता का साया, सैन्य सम्मान के साथ हुई अंतिम विदाई

पठानकोट का जवान श्रीनगर में शहीद:खाई में गिरा ट्रक, बच्चे के जन्म से पहले ही छिना पिता का साया, सैन्य सम्मान के साथ हुई अंतिम विदाई

पठानकोट जिले के धार क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव तिरहाड़ी (फंगतोली) में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब खबर आई कि जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स में कार्यरत 26 वर्षीय जवान विशाल सिंह पठानिया उर्फ सूरज देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए हैं। लेह से श्रीनगर की ओर सेना का सामान लेकर जा रहा उनका ट्रक श्रीनगर के पास ही गहरी खाई में गिरने के कारण यह दुखद हादसा हुआ। हादसे में विशाल सिंह पठानिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ वाहन में सवार दूसरे जवान ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। जिसके बाद आज शहीद का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। श्मशान घाट पर पंजाब पुलिस की टुकड़ी ने मातमी धुन बजाकर और हवा में फायर कर शहीद जवान को अंतिम सलामी दी। शहीद की अंतिम यात्रा में पूरे क्षेत्र का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान पूर्व डिप्टी स्पीकर दिनेश बब्बू, नायक मुकेश कुमार, सरपंच डॉ. संजीव कुमार, सरपंच करोली अमन वर्मा, पूर्व सरपंच राजिंदर शर्मा, प्रेस मीडिया क्लब अध्यक्ष रजनीश कुमार, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट रविंद्र ठाकुर, कैप्टन मनोहर लाल, समाज सेवक मुकेश लाडी सहित भारी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने नम आंखों से शहीद को विदाई दी। लेह से श्रीनगर जाते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, विशाल सिंह पठानिया (592 (1) टीपीटी प्लाटून में ड्राइवर एमटी (ओजी) पद पर कार्यरत शनिवार सुबह सेना का सामान लेकर लेह से श्रीनगर के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में वाहन अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि विशाल की मौके पर ही जान चली गई। हादसे के बाद शहीद सिपाही का पार्थिव शरीर लेह से हवाई जहाज द्वारा श्रीनगर लाया गया और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए जम्मू पहुंचाया गया। जम्मू से ग्रीफ की एम्बुलेंस से पार्थिव देह को डिफेंस रोड करोली मोड़ लाया गया। वहां मौजूद सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों ने ‘शहीद विशाल सिंह पठानिया अमर रहे’ के गगनभेदी जयघोष के साथ पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव फंगतौली ले जाया गया। सैन्य और पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार शहीद की अंतिम यात्रा में पूरे क्षेत्र का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्मशान घाट पर पंजाब पुलिस की टुकड़ी ने मातमी धुन बजाकर और हवा में फायर कर शहीद जवान को अंतिम सलामी दी। मुखाग्नि देने से पहले ग्रीफ बेस वर्कशॉप पठानकोट के ऑफिसर इन कमांड (ओसी) और अन्य ग्रीफ अधिकारियों ने चिता पर रीथ चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद सिपाही विशाल सिंह पठानिया की चिता को उनके चचेरे भाई आदित्य ने मुखाग्नि दी। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, 9 महीने की गर्भवती है पत्नी विशाल करीब 3 वर्ष पहले ही ग्रीफ में भर्ती हुए थे और परिवार का एकमात्र सहारा थे। उनके पिता महिंदर सिंह पठानिया भी ग्रीफ में अपनी सेवाएं दे चुके थे, जिनका सात वर्ष पहले निधन हो चुका है। इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। विशाल की शादी को अभी करीब एक वर्ष ही हुआ था और उनकी पत्नी 9 माह की गर्भवती हैं। जिस घर में कुछ ही दिनों में नन्हे मेहमान के आगमन की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब विधवा की चीखें गूंज रही हैं, पूरे गांव में मातम पसरा है। विशाल की एक बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जिनके पति भारतीय सेना में कार्यरत हैं। अब घर में केवल शहीद की मां सुदेश कुमारी और उनकी गर्भवती पत्नी ही रह गई हैं। शहीद विशाल के साथ आए उनकी यूनिट के हवलदार प्रवीण फोगाट ने बताया कि विशाल बेहद बहादुर जवान था। उसकी छुट्टी पास हो चुकी थी और वह 1 तारीख को घर आने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।

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