सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड की पटोरी पंचायत के वार्ड संख्या 2 में सड़क की जर्जर स्थिति और नाली के अभाव के कारण स्थानीय ग्रामीण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। सड़क पर गहरे गड्ढे और जलजमाव से लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों, जिनमें वीरू केला, माहेश्वरी, ललना, रूपेश और मुकेश शामिल हैं, ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार स्कूली बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी लंबे समय तक सड़क पर जमा रहता है। इस जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और नाली निर्माण की यह मांग वर्षों से लंबित है, जिसके कारण उन्हें प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत और नाली निर्माण कराने की मांग की है। उनका उद्देश्य है कि जलजमाव की समस्या का समाधान हो और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड की पटोरी पंचायत के वार्ड संख्या 2 में सड़क की जर्जर स्थिति और नाली के अभाव के कारण स्थानीय ग्रामीण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। सड़क पर गहरे गड्ढे और जलजमाव से लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों, जिनमें वीरू केला, माहेश्वरी, ललना, रूपेश और मुकेश शामिल हैं, ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार स्कूली बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी लंबे समय तक सड़क पर जमा रहता है। इस जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और नाली निर्माण की यह मांग वर्षों से लंबित है, जिसके कारण उन्हें प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत और नाली निर्माण कराने की मांग की है। उनका उद्देश्य है कि जलजमाव की समस्या का समाधान हो और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


