पूर्णिया सांसद पप्पू यादव आज शुक्रवार को छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे। यहां ‘ऑल Ph.D. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार’ की ओर से पिछले 11 दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन-सह-महाधरना पर बैठे हैं। शोधार्थी अपनी मांगों को लेकर सरकार से लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। शोधार्थियों की प्रमुख मांग है कि सहायक प्राध्यापक बहाली में UGC रेगुलेशन 2018 के टेबल 3A को लागू किया जाए। इसके साथ ही सहायक प्राध्यापक पद के अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करने की मांग की गई है। शोधार्थियों का कहना है कि बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक की बहाली स्थायी और नियमित रूप से होनी चाहिए। डोमिसाइल और अतिथि शिक्षकों के समायोजन की मांग प्रदर्शनकारी शोधार्थी सहायक प्राध्यापक बहाली में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही बिहार के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता का हनन रोकने की बात कही है। वर्षों से विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि सहायक प्राध्यापकों को नियमित सहायक प्राध्यापक नियुक्ति से पहले बिहार सरकार की ओर से सेवा सामंजन का लाभ देने की मांग भी रखी गई है। पप्पू यादव ने सरकार और राज्यपाल से कार्रवाई की मांग की पप्पू यादव ने छपरा के कुलपति के खिलाफ भी गंभीर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सरकार से मांग किया कि इन छात्रों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। 16 अगस्त को उपवास की चेतावनी पप्पू यादव ने कहा, अगर शोधार्थियों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 16 अगस्त को गर्दनीबाग धरना स्थल पर एक दिवसीय उपवास पर बैठेंगे। उन्होंने आंदोलन कर रहे शोधार्थियों के साथ खड़े रहने की बात कही। शोधार्थियों का यह आंदोलन शोधार्थियों के सम्मान, अधिकार और न्याय की मांग को लेकर जारी है। धरना स्थल पर आंदोलनकारी अपनी मांगों के समर्थन में सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव आज शुक्रवार को छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे। यहां ‘ऑल Ph.D. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार’ की ओर से पिछले 11 दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन-सह-महाधरना पर बैठे हैं। शोधार्थी अपनी मांगों को लेकर सरकार से लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। शोधार्थियों की प्रमुख मांग है कि सहायक प्राध्यापक बहाली में UGC रेगुलेशन 2018 के टेबल 3A को लागू किया जाए। इसके साथ ही सहायक प्राध्यापक पद के अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करने की मांग की गई है। शोधार्थियों का कहना है कि बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक की बहाली स्थायी और नियमित रूप से होनी चाहिए। डोमिसाइल और अतिथि शिक्षकों के समायोजन की मांग प्रदर्शनकारी शोधार्थी सहायक प्राध्यापक बहाली में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही बिहार के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता का हनन रोकने की बात कही है। वर्षों से विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि सहायक प्राध्यापकों को नियमित सहायक प्राध्यापक नियुक्ति से पहले बिहार सरकार की ओर से सेवा सामंजन का लाभ देने की मांग भी रखी गई है। पप्पू यादव ने सरकार और राज्यपाल से कार्रवाई की मांग की पप्पू यादव ने छपरा के कुलपति के खिलाफ भी गंभीर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सरकार से मांग किया कि इन छात्रों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। 16 अगस्त को उपवास की चेतावनी पप्पू यादव ने कहा, अगर शोधार्थियों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 16 अगस्त को गर्दनीबाग धरना स्थल पर एक दिवसीय उपवास पर बैठेंगे। उन्होंने आंदोलन कर रहे शोधार्थियों के साथ खड़े रहने की बात कही। शोधार्थियों का यह आंदोलन शोधार्थियों के सम्मान, अधिकार और न्याय की मांग को लेकर जारी है। धरना स्थल पर आंदोलनकारी अपनी मांगों के समर्थन में सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।


