पटना में ई-रिक्शा चालक ने की खुदकुशी:बलिया में शव पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम, महीनों से मानसिक तनाव में था

पटना में ई-रिक्शा चालक ने की खुदकुशी:बलिया में शव पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम, महीनों से मानसिक तनाव में था

पटना के दीघा थाना क्षेत्र में कोठी 95 नंबर गेट के पास एक किराए के मकान से ई-रिक्शा चालक का शव मिला है। मृतक की पहचान बलिया नगर परिषद के वार्ड संख्या चार निवासी मोहम्मद महताब आलम के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार, महताब आलम अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ पटना के दीघा थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। वह ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। महताब की मां अजमेरी खातून ने बताया कि उन्हें मोबाइल फोन से बेटे की मौत की सूचना मिली। जब वे घटनास्थल पर पहुंची, तो देखा कि उनके बेटे ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके गले पर काले धब्बे का गहरा निशान भी मौजूद था। स्थानीय लोगों और पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि महताब पिछले कई महीनों से गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहा था। अत्यधिक मानसिक परेशानी के कारण ही उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलने के बाद दीघा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। रविवार रात करीब 9 बजे ई-रिक्शा चालक का शव बलिया थाना क्षेत्र के बड़ी बलिया वार्ड संख्या चार स्थित उसके पैतृक आवास पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पटना के दीघा थाना क्षेत्र में कोठी 95 नंबर गेट के पास एक किराए के मकान से ई-रिक्शा चालक का शव मिला है। मृतक की पहचान बलिया नगर परिषद के वार्ड संख्या चार निवासी मोहम्मद महताब आलम के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार, महताब आलम अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ पटना के दीघा थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। वह ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। महताब की मां अजमेरी खातून ने बताया कि उन्हें मोबाइल फोन से बेटे की मौत की सूचना मिली। जब वे घटनास्थल पर पहुंची, तो देखा कि उनके बेटे ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके गले पर काले धब्बे का गहरा निशान भी मौजूद था। स्थानीय लोगों और पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि महताब पिछले कई महीनों से गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहा था। अत्यधिक मानसिक परेशानी के कारण ही उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलने के बाद दीघा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। रविवार रात करीब 9 बजे ई-रिक्शा चालक का शव बलिया थाना क्षेत्र के बड़ी बलिया वार्ड संख्या चार स्थित उसके पैतृक आवास पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।  

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