भागलपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। कजरैली इलाके के एक युवक ने किशोर नाम के युवक पर बिहार पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर पैसे लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि पैसे लेने के बाद आरोपी ने न तो नौकरी लगवाई और न ही रुपये लौटाए। उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया था। यह मामला तब गरमा गया जब दोनों का सामना गोरहट्टा चौक पर हो गया। पीड़ित युवक लंबे समय से आरोपी की तलाश कर रहा था। उसे देखते ही पीड़ित ने रोक लिया और अपने रुपए वापस मांगने लगा। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और चौक पर हंगामा शुरू हो गया। पीड़ित के आरोप के अनुसार, किशोर ने उसे बिहार पुलिस में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। पुलिस ले गई थाने
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा। भीड़ बढ़ने के बाद स्थिति को देखते हुए किसी ने 112 नंबर पर सूचना दी। पुलिस ने मामले को शांत कराया और किशोर को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। इसके बाद मौके पर चल रहा हंगामा शांत हुआ। हालांकि, मामले में एक दूसरी बात भी सामने आ रही है। जहां पीड़ित पक्ष की ओर से एक लाख रुपये दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है, वहीं एक अन्य पक्ष से 40 हजार रुपये के लेनदेन की बात कही जा रही है। ऐसे में वास्तविक लेनदेन कितने रुपये का था, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। कॉलेज परिसर में छात्रों का हंगामा
दूसरी तरफ कॉलेज परिसर में भी छात्रों के विरोध और हंगामे की स्थिति सामने आई। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किश्त की राशि को लेकर सवाल उठाए।
छात्रों का आरोप है कि उन्हें योजना या संस्थान के तहत मिलने वाली दूसरी किश्त की राशि समय पर नहीं दी जा रही है। छात्रों का कहना है कि किश्त की रकम नहीं मिलने से उनकी पढ़ाई और दैनिक जरूरतों पर असर पड़ रहा है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अपने मूल प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज लेने कॉलेज पहुंचते हैं तो उन्हें प्रमाणपत्र देने से इनकार किया जा रहा है। इसको लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
छात्रों ने लगाए दबाव बनाने के आरोप
छात्रों का आरोप है कि किश्त के मामले में उनसे लगातार दबाव बनाया जा रहा है और उनकी शिकायतों की उचित सुनवाई नहीं हो रही है। नाराज छात्रों ने कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए मांग की कि किश्त की राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और जिन छात्रों की रकम लंबित है, उन्हें जल्द भुगतान किया जाए।
इसके साथ ही छात्रों ने अपने मूल प्रमाणपत्र और जरूरी दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रमाणपत्रों के अभाव में उनके शैक्षणिक और रोजगार संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। भागलपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। कजरैली इलाके के एक युवक ने किशोर नाम के युवक पर बिहार पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर पैसे लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि पैसे लेने के बाद आरोपी ने न तो नौकरी लगवाई और न ही रुपये लौटाए। उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया था। यह मामला तब गरमा गया जब दोनों का सामना गोरहट्टा चौक पर हो गया। पीड़ित युवक लंबे समय से आरोपी की तलाश कर रहा था। उसे देखते ही पीड़ित ने रोक लिया और अपने रुपए वापस मांगने लगा। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और चौक पर हंगामा शुरू हो गया। पीड़ित के आरोप के अनुसार, किशोर ने उसे बिहार पुलिस में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। पुलिस ले गई थाने
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा। भीड़ बढ़ने के बाद स्थिति को देखते हुए किसी ने 112 नंबर पर सूचना दी। पुलिस ने मामले को शांत कराया और किशोर को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। इसके बाद मौके पर चल रहा हंगामा शांत हुआ। हालांकि, मामले में एक दूसरी बात भी सामने आ रही है। जहां पीड़ित पक्ष की ओर से एक लाख रुपये दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है, वहीं एक अन्य पक्ष से 40 हजार रुपये के लेनदेन की बात कही जा रही है। ऐसे में वास्तविक लेनदेन कितने रुपये का था, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। कॉलेज परिसर में छात्रों का हंगामा
दूसरी तरफ कॉलेज परिसर में भी छात्रों के विरोध और हंगामे की स्थिति सामने आई। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किश्त की राशि को लेकर सवाल उठाए।
छात्रों का आरोप है कि उन्हें योजना या संस्थान के तहत मिलने वाली दूसरी किश्त की राशि समय पर नहीं दी जा रही है। छात्रों का कहना है कि किश्त की रकम नहीं मिलने से उनकी पढ़ाई और दैनिक जरूरतों पर असर पड़ रहा है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अपने मूल प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज लेने कॉलेज पहुंचते हैं तो उन्हें प्रमाणपत्र देने से इनकार किया जा रहा है। इसको लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
छात्रों ने लगाए दबाव बनाने के आरोप
छात्रों का आरोप है कि किश्त के मामले में उनसे लगातार दबाव बनाया जा रहा है और उनकी शिकायतों की उचित सुनवाई नहीं हो रही है। नाराज छात्रों ने कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए मांग की कि किश्त की राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और जिन छात्रों की रकम लंबित है, उन्हें जल्द भुगतान किया जाए।
इसके साथ ही छात्रों ने अपने मूल प्रमाणपत्र और जरूरी दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रमाणपत्रों के अभाव में उनके शैक्षणिक और रोजगार संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

