Nepal Heavy Rain Alert: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेज बारिश के बाद बागमती नदी उफान पर है। खतरा बढ़ गया है। नदी के आसपास बसे निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
वहीं, बारिश के साथ पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड की घटनाओं ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। काठमांडू को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाले कई प्रमुख रास्ते बंद हो गए हैं। इनमें पृथ्वी हाईवे, BP हाईवे और कांति लोकपथ जैसे महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। सड़कों के बंद होने से लंबी दूरी के ट्रांसपोर्ट वाहन रास्ते में फंस गए हैं और यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ और लैंडस्लाइड के चलते नेपाल में जनजीवन प्रभावित है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मौसम विभाग ने दिया अपडेट
मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 12 घंटों में देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश रिकॉर्ड की गई है, कुछ जगहों पर भारी बारिश की खबर है। कुछ नदियों में पानी का लेवल भी काफी बढ़ गया है। इसलिए, सावधान रहें और अलर्ट रहें!
नेपाल PM शाह की अपील
वहीं बढ़ते खतरे को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने हिमालयी क्षेत्र में जलवायु आपदाओं से निपटने के लिए बड़ा प्रस्ताव रखा है। उन्होंने नेपाल, भारत और चीन के बीच एक साझा क्लाइमेट रेजिलिएंस मैकेनिज्म बनाने की अपील की है।
बता दें शाह ने ये बात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि तीनों देश सैटेलाइट डेटा और तकनीकी जानकारी साझा करें। खतरनाक ग्लेशियल झीलों पर नजर रखी जाए। साझा अर्ली वॉर्निंग सिस्टम मजबूत किया जाए। आपदा के समय सीमा पार राहत और बचाव में भी तालमेल हो। शाह ने हाल की भीषण बाढ़ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जलवायु संकट से नेपाल को भारी नुकसान हो रहा है। बाढ़ से सड़कें, पुल, घर और रोज़गार प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ज्यादा ग्रांट आधारित मदद की मांग की। शाह ने कहा कि जलवायु वित्त व्यवस्था आसान और तेज होनी चाहिए। “क्लाइमेट फाइनेंस एक और ब्यूरोक्रेसी नहीं बनना चाहिए।”

