Nepal Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि बाढ़ के बाद हजारों लोग लापता हैं जिनमें करीब 300 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इनमें बड़ी संख्या में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय तीर्थयात्री बताए जा रहे हैं। खनाल ने यह जानकारी काठमांडू में आयोजित NDTV एक कार्यक्रम में दी। उन्होंने बताया कि नेपाल सरकार लापता विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अलग-अलग देशों के दूतावासों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि सरकार नेपाली नागरिकों की तरह ही विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और उनकी सलामती को लेकर भी गंभीर है।
बाढ़ में 300 भारतीयों के लापता होने की जानकारी
विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि प्रभावित इलाका कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए इस्तेमाल होने वाले रास्ते में आता है। इसी वजह से बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी इस आपदा की चपेट में आए हैं।
उन्होंने बताया कि करीब 300 भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है और सरकार उनके संपर्क में आने की कोशिश कर रही है। बुधवार को सामने आई शुरुआती जानकारी में 133 भारतीयों और 37 एनआरआई के लापता होने की बात कही गई थी। बाद में यह संख्या बढ़ी है।
शहर के बाद शहर कुछ ही घंटों में तबाह हो गए
शिशिर खनाल ने बाढ़ की भयावहता बताते हुए कहा कि कुछ ही घंटों में एक के बाद एक शहर तबाह हो गए। उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों के घर बर्बाद हो गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उनके मुताबिक, नेपाल सरकार अभी भी आपदा से हुए नुकसान और प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या का आकलन कर रही है। शुरुआती तौर पर उन्होंने रासुवा क्षेत्र में 160 लोगों की मौत की जानकारी दी थी। बाद में नेपाल पुलिस ने मृतकों की संख्या 162 बताए जाने की जानकारी दी।
करीब 500 विदेशी नागरिकों का पता नहीं
खनाल के मुताबिक, करीब 500 विदेशी नागरिक फिलहाल संपर्क से बाहर हैं। नेपाल सरकार दूसरे देशों के दूतावासों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि इन लोगों की स्थिति का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि नेपाल के लिए विदेशी नागरिकों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी अपने नागरिकों की। सरकार राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ प्रभावित विदेशी नागरिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
भारत की मदद के लिए जताया आभार
नेपाल के विदेश मंत्री ने संकट की इस घड़ी में भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री और मदद के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान बचाव और तत्काल राहत पर है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों से नेपाल को समर्थन मिल रहा है। भारत सरकार पहले ही राहत सामग्री भेज चुकी है और नेपाल इस मदद के लिए आभारी है।
दुनिया से नेपाल के साथ खड़े रहने की अपील
शिशिर खनाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से नेपाल के साथ खड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के बाद देश के पुनर्निर्माण के लिए भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी होगा। उन्होंने दुनिया से नेपाल से जुड़े रहने और देश के पुनर्निर्माण में मदद करने की अपील की। खनाल ने कहा कि पर्यटन नेपाल के पुनर्निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल के ज्यादातर हिस्से बाढ़ से प्रभावित नहीं हुए हैं और पोखरा तथा माउंट एवरेस्ट क्षेत्र जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल खुले और सुरक्षित हैं। उन्होंने लोगों से नेपाल आने और पर्यटन के जरिए देश के पुनर्निर्माण में योगदान देने की अपील की।
नेपाल फिर से खड़ा होगा
शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाल ने इससे पहले भी बड़ी आपदाओं का सामना किया है। उन्होंने 2015 के भूकंप का उदाहरण देते हुए कहा कि देश उस त्रासदी के बाद भी दोबारा खड़ा हुआ था। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी नेपाल इस आपदा से उबरकर फिर से खुद को खड़ा करेगा। फिलहाल राहत और बचाव एजेंसियां बाढ़ प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।


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