श्योपुर विकासखंड के ग्राम रायपुरा में शनिवार को मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम पंचायत भवन में हुए इस कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया और मौके पर ही उनके निराकरण की कार्रवाई की गई। साथ ही, कई हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत लाभार्थियों को लाभ भी वितरित किए गए। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, श्योपुर जनपद अध्यक्ष रीना आशीष मीणा ने अधिकारियों द्वारा नेताओं की आवभगत किए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने अधिकारियों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “नेता आया है या तुम्हारा बाप आया है, जो खड़े हो जाते हो?” ‘डर लगता है तो चूड़ी पहन लें’ अधिकारी जनपद अध्यक्ष ने अधिकारियों से सवाल किया कि वे नेताओं से इतना क्यों डरते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि अधिकारी नेताओं से इतना ही भयभीत रहते हैं तो “चूड़ी पहन लो, मैं लाकर देती हूं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारियों को नियमों के अनुसार अपना काम करना चाहिए और नेताओं के दबाव में नहीं आना चाहिए। मीणा ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि उन्हें नेताओं से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा उनका तबादला ही हो सकता है। उन्होंने अधिकारियों से जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। जन भाषण सुनने नहीं आती रीना मीणा ने जनसंवाद कार्यक्रमों में नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि इन कार्यक्रमों में नेता उपस्थित न हों, तो शायद जनता की समस्याओं का समाधान अधिक आसानी से हो सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी अपना काम करना चाहते हैं, लेकिन कई बार नेता उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता नेताओं के भाषण सुनने के लिए नहीं आती, बल्कि अपनी समस्याएं लेकर आती है और उनके समाधान की अपेक्षा करती है। उन्होंने सवाल किया, “क्या जनता इनके भाषण सुनने आती है? क्या जनता के पास कोई और काम नहीं है?” जनपद अध्यक्ष के इस बयान के बाद कार्यक्रम में अधिकारियों की भूमिका और जनसंवाद कार्यक्रमों में नेताओं की उपस्थिति को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की कई समस्याओं को सुना गया और संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।

