नीरज के बदले तेवर, ललन सिंह को बताया बड़ा नेता:अनंत सिंह ने लिखा- गरीब पर अत्याचार नहीं सहेंगे छोटे सरकार, 1 दिसंबर को करेंगे सरेंडर

नीरज के बदले तेवर, ललन सिंह को बताया बड़ा नेता:अनंत सिंह ने लिखा- गरीब पर अत्याचार नहीं सहेंगे छोटे सरकार, 1 दिसंबर को करेंगे सरेंडर

बिहार की सियासत में मोकामा विधायक अनंत सिंह और जेडीयू विधान पार्षद नीरज कुमार के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच अनंत सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट साझा की गई है, जिसमें लिखा है- ‘गरीब-गुरबों पर अत्याचार नहीं सहेंगे छोटे सरकार।’ वहीं, नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘अस्त्रहीन आदमी’ कह दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अनंत सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट में न तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश और न ही हत्याकांड का सीधा जिक्र है। सोशल मीडिया पोस्ट में ‘छोटे सरकार’ की छवि पर जोर अनंत सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा की गई पोस्ट में उनकी तस्वीर के साथ लिखा गया है, ‘गरीब-गुरबों पर अत्याचार नहीं सहेंगे छोटे सरकार।’ पोस्टर में अनंत सिंह की बड़ी तस्वीर के अलावा उनकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति की तस्वीर भी नजर आ रही है। साथ ही लोगों से उनके सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करने की अपील की गई है। पोस्ट के संदेश में गरीब और कमजोर लोगों के साथ खड़े रहने की बात कही गई है। मोकामा में अनंत सिंह के समर्थक उन्हें ‘छोटे सरकार’ के नाम से संबोधित करते हैं। ऐसे में इस पोस्ट में उनकी इसी लोकप्रिय छवि को प्रमुखता दी गई है। दुलारचंद हत्याकांड में 1 दिसंबर तक सरेंडर का निर्देश दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिए जाने के बाद इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हैं। इस मामले को लेकर मोकामा की राजनीति में लगातार बयानबाजी हो रही है। अनंत सिंह की ओर से भी राजनीतिक विरोधियों को लेकर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, किसी पर लगाए गए आरोपों को न्यायिक रूप से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर लगाए गंभीर आरोप दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद भी लगातार बढ़ रहा है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि दुलारचंद यादव की हत्या के पीछे उनका हाथ है। हालांकि, यह अनंत सिंह का आरोप है और इसकी पुष्टि किसी न्यायिक निष्कर्ष से नहीं हुई है। अस्त्रहीन आदमी से बात करना क्या जरूरी है? – नीरज कुमार अनंत सिंह के इस बयान पर जब नीरज कुमार से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। नीरज कुमार ने तल्ख अंदाज में कहा, “भक्क! यह सब फालतू बात है। उसके बारे में मुझसे पूछते ही क्यों हैं? अब तो उसके बारे में बोलने में भी खराब लगता है। ये लोग कोई स्तर के आदमी हैं क्या? अस्त्रहीन आदमी से बात करना क्या जरूरी है?” ‘भगवान और न्यायपालिका सब देख रहे हैं’- नीरज कुमार नीरज कुमार ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कहा कि किसी के बारे में बिना आधार के कुछ भी बोलना और अपमानजनक टिप्पणी करना राजनीति का सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा, “हम पर भी आरोप लगाते रहिए। मानसिक तनाव लेते रहिए। दिमाग की नस आग-बबूला हो जाएगी। फर्जी बातें करके किसी के बारे में कुछ भी बोल देना और किसी पर अपमानजनक टिप्पणी कर देना क्या राजनीति का मापदंड है?” नीरज कुमार ने यह भी कहा कि भगवान और न्यायपालिका सब देख रहे हैं। उनके इस बयान को अनंत सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। जेडीयू के फैसले से नाराजगी पर भी दिया जवाब अनंत सिंह ने पार्टी के लोगों पर उनके साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई थी। उनसे जुड़े इस बयान पर जब नीरज कुमार से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इस मामले में पार्टी से सवाल पूछा जाना चाहिए। नीरज कुमार ने कहा कि जेडीयू किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। इसे बनाने में कई लोगों का योगदान है। पार्टी अपने स्तर पर निर्णय लेती है और सभी को उस निर्णय का सम्मान करना चाहिए। ललन सिंह और नीरज कुमार के बीच 2019 का विवाद भी चर्चा में अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच जारी बयानबाजी के बीच केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह का नाम भी चर्चा में है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने ललन सिंह को पार्टी का आदरणीय और वरिष्ठ नेता बताते हुए उनके सम्मान की बात कही थी। इसके बाद नीरज कुमार से सवाल किया गया कि वह ललन सिंह से बधाई लेने क्यों नहीं जाएंगे। इस पर नीरज कुमार ने कहा कि ललन सिंह के वरिष्ठ और संस्थापक सदस्य होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कहा, “इस बात को कौन नहीं मान रहा है? सवाल यह है कि क्रिया के विरुद्ध प्रतिक्रिया होती है। क्रिया की शुरुआत 2019 में हुई थी।” नीरज कुमार के मुताबिक, 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया था, जबकि उनका उस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने दावा किया कि बाद में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामला बंद हो गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 2019 की घटना का हिसाब 2026 में मांगा जाएगा, तो क्या वह विरोध भी नहीं करेंगे? नीरज कुमार ने यह भी कहा कि 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी के लिए ईमानदारी से काम किया। MLC चुनाव में हार-जीत को लेकर मीडिया पर निशाना बातचीत के दौरान नीरज कुमार से बिहार विधान परिषद चुनाव में जेडीयू के प्रदर्शन को लेकर भी सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि पार्टी चार सीटों में से तीन पर हार गई, जबकि एक सीट पर जीत मिली। इसके बावजूद चर्चा एक ही सीट की ज्यादा क्यों हो रही है? इस पर नीरज कुमार ने मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि TRP के चक्कर में कुछ लोगों को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा माहौल बनाया गया, जैसे किसी की ताकत से पूरी पृथ्वी हिल जाएगी। नीरज कुमार के मुताबिक, स्नातक क्षेत्र के चुनाव को भी जरूरत से ज्यादा प्रचार मिला और एक सीट की चर्चा अन्य सीटों पर पार्टी के प्रदर्शन से अधिक हुई। बिहार की सियासत में मोकामा विधायक अनंत सिंह और जेडीयू विधान पार्षद नीरज कुमार के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच अनंत सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट साझा की गई है, जिसमें लिखा है- ‘गरीब-गुरबों पर अत्याचार नहीं सहेंगे छोटे सरकार।’ वहीं, नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘अस्त्रहीन आदमी’ कह दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अनंत सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट में न तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश और न ही हत्याकांड का सीधा जिक्र है। सोशल मीडिया पोस्ट में ‘छोटे सरकार’ की छवि पर जोर अनंत सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा की गई पोस्ट में उनकी तस्वीर के साथ लिखा गया है, ‘गरीब-गुरबों पर अत्याचार नहीं सहेंगे छोटे सरकार।’ पोस्टर में अनंत सिंह की बड़ी तस्वीर के अलावा उनकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति की तस्वीर भी नजर आ रही है। साथ ही लोगों से उनके सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करने की अपील की गई है। पोस्ट के संदेश में गरीब और कमजोर लोगों के साथ खड़े रहने की बात कही गई है। मोकामा में अनंत सिंह के समर्थक उन्हें ‘छोटे सरकार’ के नाम से संबोधित करते हैं। ऐसे में इस पोस्ट में उनकी इसी लोकप्रिय छवि को प्रमुखता दी गई है। दुलारचंद हत्याकांड में 1 दिसंबर तक सरेंडर का निर्देश दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिए जाने के बाद इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हैं। इस मामले को लेकर मोकामा की राजनीति में लगातार बयानबाजी हो रही है। अनंत सिंह की ओर से भी राजनीतिक विरोधियों को लेकर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, किसी पर लगाए गए आरोपों को न्यायिक रूप से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर लगाए गंभीर आरोप दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद भी लगातार बढ़ रहा है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि दुलारचंद यादव की हत्या के पीछे उनका हाथ है। हालांकि, यह अनंत सिंह का आरोप है और इसकी पुष्टि किसी न्यायिक निष्कर्ष से नहीं हुई है। अस्त्रहीन आदमी से बात करना क्या जरूरी है? – नीरज कुमार अनंत सिंह के इस बयान पर जब नीरज कुमार से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। नीरज कुमार ने तल्ख अंदाज में कहा, “भक्क! यह सब फालतू बात है। उसके बारे में मुझसे पूछते ही क्यों हैं? अब तो उसके बारे में बोलने में भी खराब लगता है। ये लोग कोई स्तर के आदमी हैं क्या? अस्त्रहीन आदमी से बात करना क्या जरूरी है?” ‘भगवान और न्यायपालिका सब देख रहे हैं’- नीरज कुमार नीरज कुमार ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कहा कि किसी के बारे में बिना आधार के कुछ भी बोलना और अपमानजनक टिप्पणी करना राजनीति का सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा, “हम पर भी आरोप लगाते रहिए। मानसिक तनाव लेते रहिए। दिमाग की नस आग-बबूला हो जाएगी। फर्जी बातें करके किसी के बारे में कुछ भी बोल देना और किसी पर अपमानजनक टिप्पणी कर देना क्या राजनीति का मापदंड है?” नीरज कुमार ने यह भी कहा कि भगवान और न्यायपालिका सब देख रहे हैं। उनके इस बयान को अनंत सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। जेडीयू के फैसले से नाराजगी पर भी दिया जवाब अनंत सिंह ने पार्टी के लोगों पर उनके साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई थी। उनसे जुड़े इस बयान पर जब नीरज कुमार से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इस मामले में पार्टी से सवाल पूछा जाना चाहिए। नीरज कुमार ने कहा कि जेडीयू किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। इसे बनाने में कई लोगों का योगदान है। पार्टी अपने स्तर पर निर्णय लेती है और सभी को उस निर्णय का सम्मान करना चाहिए। ललन सिंह और नीरज कुमार के बीच 2019 का विवाद भी चर्चा में अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच जारी बयानबाजी के बीच केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह का नाम भी चर्चा में है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने ललन सिंह को पार्टी का आदरणीय और वरिष्ठ नेता बताते हुए उनके सम्मान की बात कही थी। इसके बाद नीरज कुमार से सवाल किया गया कि वह ललन सिंह से बधाई लेने क्यों नहीं जाएंगे। इस पर नीरज कुमार ने कहा कि ललन सिंह के वरिष्ठ और संस्थापक सदस्य होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कहा, “इस बात को कौन नहीं मान रहा है? सवाल यह है कि क्रिया के विरुद्ध प्रतिक्रिया होती है। क्रिया की शुरुआत 2019 में हुई थी।” नीरज कुमार के मुताबिक, 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया था, जबकि उनका उस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने दावा किया कि बाद में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामला बंद हो गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 2019 की घटना का हिसाब 2026 में मांगा जाएगा, तो क्या वह विरोध भी नहीं करेंगे? नीरज कुमार ने यह भी कहा कि 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी के लिए ईमानदारी से काम किया। MLC चुनाव में हार-जीत को लेकर मीडिया पर निशाना बातचीत के दौरान नीरज कुमार से बिहार विधान परिषद चुनाव में जेडीयू के प्रदर्शन को लेकर भी सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि पार्टी चार सीटों में से तीन पर हार गई, जबकि एक सीट पर जीत मिली। इसके बावजूद चर्चा एक ही सीट की ज्यादा क्यों हो रही है? इस पर नीरज कुमार ने मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि TRP के चक्कर में कुछ लोगों को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा माहौल बनाया गया, जैसे किसी की ताकत से पूरी पृथ्वी हिल जाएगी। नीरज कुमार के मुताबिक, स्नातक क्षेत्र के चुनाव को भी जरूरत से ज्यादा प्रचार मिला और एक सीट की चर्चा अन्य सीटों पर पार्टी के प्रदर्शन से अधिक हुई।  

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