नीट विवाद में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ शिकायत, 21 छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराने का आरोप

नीट विवाद में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ शिकायत, 21 छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराने का आरोप

बेंगलूरु। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक से जुड़े घटनाक्रम के कारण 21 छात्रों की संदिग्ध मौत हो गई। इसके लिए प्रधान समेत अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए उकसाने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत सौंपी

टी. नरसिम्हा मूर्ति ने गुरुवार को विधान सौधा पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत सौंपी। पुलिस ने शिकायत स्वीकार कर ली है, हालांकि अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। अपनी शिकायत में मूर्ति ने कहा है कि प्रश्नपत्र लीक की घटना के दौरान कई छात्रों को मानसिक पीड़ा, तनाव और अवसाद का सामना करना पड़ा। मूर्ति ने अपनी शिकायत में सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में 21 छात्रों की संदिग्ध मौत हुई थी।

धारा 108 के तहत कार्रवाई की मांग

उन्होंने इन छात्रों की सूची भी शिकायत के साथ संलग्न किए जाने की बात कही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम ने छात्रों को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया, जहां उन्हें आगे का कोई रास्ता नजर नहीं आया। शिकायतकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत कार्रवाई की मांग की है। इसमें 10 साल तक की सजा तथा जुर्माने का प्रावधान है। मूर्ति ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 और 61(2) का भी उल्लेख किया है।

जीरो प्राथमिकी दर्ज करने की मांग

उन्होंने पुलिस से प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच करने और जरूरत पड़ने पर मामले को संबंधित जांच एजेंसी को भेजने के लिए जीरो प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं और केवल शिकायत के आधार पर पूर्व मंत्री या अन्य लोगों की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। गौरतलब है कि हाल ही में NEET-UG पेपर लीक विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दे दिया था।

जंतर मंतर पर छात्रों के बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक टकराव की स्थिति बनने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा था। उन्होंने कहा था कि जंतर-मंतर और पूरे देश में मचे हंगामे से उन्हें दुख हुआ और वे देश की एकता की रक्षा करने और देश-विरोधी ताकतों को स्थिति का फायदा उठाने से रोकने के लिए इस्तीफा दे रहे हैं।

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