नगर परिषद चुनाव में वार्ड 37 से निर्दलीय प्रत्याशी कमलेश कुमार का नामांकन सिविल डिफेंस में कार्यरत होने की आपत्ति के चलते खारिज कर दिया गया। नामांकन में सिविल डिफेंस से जुड़ी जानकारी नहीं देने और सांख्यिकी फॉर्म में भाजपा लिखे होने को लेकर एसडीएम ने उनसे जवाब मांगा था। नामांकन खारिज होने के बाद कमलेश के समर्थक कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के सामने फैसले पर आपत्ति जताई। कमलेश और उनके अधिवक्ता ने नामांकन खारिज करने को गलत बताते हुए नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है। सिविल डिफेंस की जानकारी नहीं देने और भाजपा लिखने पर भी मांगा जवाब मंगलवार को कलेक्ट्रेट में नगर परिषद चुनाव के लिए प्रत्याशियों की ओर से दाखिल नामांकन पत्रों पर प्राप्त दावे-आपत्तियों की समीक्षा की गई। इसी दौरान वार्ड 37 से निर्दलीय प्रत्याशी कमलेश कुमार के नामांकन पर सिविल डिफेंस में कार्यरत होने को लेकर आपत्ति सामने आई। इसके बाद एसडीएम की ओर से कमलेश को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। नोटिस में सिविल डिफेंस से जुड़ी जानकारी नामांकन आवेदन में नहीं देने के अलावा सांख्यिकी फॉर्म में भाजपा अंकित होने, जबकि नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दाखिल करने को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया था। समर्थक एसडीएम से नहीं मिले तो कलेक्टर के पास पहुंचे नामांकन पर संकट की जानकारी मिलते ही कमलेश के मोहल्ले से बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंच गए। समर्थक पहले एसडीएम कार्यालय गए, लेकिन एसडीएम के कार्यालय में नहीं मिलने पर उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। कलेक्टर ने मामले को देखने का आश्वासन दिया। कमलेश बोले- न ज्वाइनिंग मिली, न नियुक्ति का कोई पत्र निर्दलीय प्रत्याशी कमलेश कुमार ने कहा कि उन्हें मिले नोटिस में सिविल डिफेंस में नौकरी करने का उल्लेख किया गया था। उनका दावा है कि उन्हें न तो ज्वाइनिंग दी गई और न ही नियुक्ति संबंधी कोई पत्र मिला। इसके बावजूद सिविल डिफेंस में नौकरी का हवाला देते हुए उनका नामांकन खारिज कर दिया गया। कमलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी की ओर से हार के डर से उनके नामांकन पर आपत्ति लगाई गई और सरकार के दबाव में नामांकन खारिज किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिवक्ता बोले- किस धारा के तहत खारिज किया, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं अधिवक्ता समीर खोखर ने नामांकन खारिज किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वार्ड 37 के निर्दलीय प्रत्याशी कमलेश का नामांकन गलत तरीके से खारिज किया गया है। उनके मुताबिक नामांकन किस धारा या प्रावधान के तहत खारिज किया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि एक नोटिस देने के बाद नामांकन खारिज कर दिया गया। इस फैसले को लेकर आगे शिकायत करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। तीन साल से सीवरेज और सुंदेलाव तालाब का मुद्दा उठा रहे कमलेश वार्ड नंबर 37 में भाजपा ने दिनेश महावर और कांग्रेस ने मोहनलाल को प्रत्याशी बनाया है। कमलेश निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे। वे करीब तीन साल से क्षेत्र की सीवरेज समस्या और सुंदेलाव तालाब से जुड़े मुद्दों को अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के सामने उठाते रहे हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के सामने भी वे इन समस्याओं को लेकर विरोध दर्ज करा चुके हैं। जांच के दूसरे दिन सुबह तक भी सार्वजनिक नहीं हुई नामांकन की सूची नगर निकाय चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के बाद स्वीकार और खारिज नामांकनों को लेकर बुधवार सुबह तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। प्रशासन की ओर से न तो नामांकन खारिज होने संबंधी कोई प्रेस नोट जारी किया गया और न ही नामांकन कार्यालय के बाहर प्रत्याशियों की सूची चस्पा की गई। नामांकन पत्रों की जांच के दूसरे दिन बुधवार सुबह 9 बजे तक भी सूची सार्वजनिक नहीं होने से प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में असमंजस की स्थिति बनी रही। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे से जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात तक सूची उनके पास नहीं पहुंची थी। कार्यालय के बाहर भी सूची चस्पा नहीं किए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में बात करते हैं। वहीं, स्थिति स्पष्ट करने के लिए जालोर के रिटर्निंग अधिकारी से भी फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

