रायबरेली के ऊंचाहार स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 13 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतिका की मां की शिकायत पर अस्पताल के संचालक डॉक्टर सुनील सिंह चौहान और अन्य अज्ञात स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ऊँचाहार कोतवाली क्षेत्र के पिपरहा गांव निवासी रामभवन की बेटी साक्षी (13) को बुखार और सांस लेने में तकलीफ (निमोनिया) थी। परिजनों ने उसे 27 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे ऊँचाहार में छोटा रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित चौहान हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। साक्षी की मां आरती देवी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि अस्पताल के मुख्य डॉक्टर सुनील सिंह चौहान ने योग्य चिकित्सकों के बजाय नौसिखिए स्टाफ से उनकी बेटी का इलाज कराया। इसी चिकित्सीय लापरवाही के कारण 28 अगस्त 2026 की सुबह करीब 9:00 बजे साक्षी की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को टालने और मरीज को अन्यत्र ले जाने की बात कहकर गुमराह करने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। आरती देवी की तहरीर पर ऊँचाहार थाने में डॉक्टर सुनील सिंह चौहान और अस्पताल के अन्य अज्ञात स्टाफ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विनोद कुमार को सौंपी गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही, अस्पताल के दस्तावेजों और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। इस घटना ने क्षेत्र के निजी चिकित्सालयों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

