जयपुर के दादिया में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती समारोह और निकाय जनप्रतिनिधि सम्मेलन में अजमेर नगर निगम के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल ने इसे सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। 12 बसों के लिए 14 कर्मचारियों की ड्यूटी डॉ. राजकुमार जयपाल के अनुसार, नगर निगम की ओर से 24 सितंबर को आदेश जारी किया गया। इसमें दीनदयाल उपाध्याय जयंती कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को 12 बसों के माध्यम से जयपुर ले जाने और वापस लाने की व्यवस्था की गई। बसों के संचालन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए निगम के 14 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। कर्मचारियों को 25 सितंबर सुबह 7 बजे निर्धारित बस स्टॉप पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए। कांग्रेस ने पूछा- शहर की सफाई व्यवस्था का क्या होगा? डॉ. जयपाल ने कहा कि नगर निगम कर्मचारियों की जिम्मेदारी अजमेर शहर की सफाई व्यवस्था और नागरिक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने की है। ऐसे में कर्मचारियों को शहर से बाहर राजनीतिक कार्यक्रम में ड्यूटी पर भेजे जाने से शहर की व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि कर्मचारियों को जयपुर भेजने का प्रशासनिक आधार क्या है और बसों सहित पूरी व्यवस्था का खर्च किस मद से किया जा रहा है। ‘राजनीतिक कार्यक्रम है तो पार्टी अपने संसाधन जुटाए’ डॉ. जयपाल ने आरोप लगाया- यदि कार्यक्रम भाजपा का संगठनात्मक या राजनीतिक कार्यक्रम है तो इसके लिए पार्टी को अपने स्तर पर संसाधन जुटाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों और जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि निगम कर्मचारियों के जयपुर जाने के दौरान अजमेर शहर की सफाई और अन्य नागरिक सेवाओं के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो कांग्रेस इसके खिलाफ आंदोलन करेगी।

