अजमेर में निकाय चुनाव से पहले शहर कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के निर्देश पर संगठन महासचिव महेंद्र चौधरी ने पार्टी के पूर्व शहर अध्यक्ष विजय जैन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में संगठन के कार्यक्रमों से दूरी बनाने, पार्टी संगठन और पदाधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करने तथा संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। जैन से 7 दिन के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। जवाब नहीं देने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नोटिस में आरोप- AICC-PCC के कार्यक्रमों में नहीं पहुंचे, संगठन के खिलाफ बयान दिए 10 अगस्त को जारी नोटिस में संगठन महासचिव महेंद्र चौधरी ने लिखा है कि AICC और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर लगातार आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में विजय जैन भाग नहीं ले रहे हैं और इनसे दूरी बनाए हुए हैं। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि जैन ने अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल, पार्टी संगठन, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगातार सार्वजनिक रूप से बयानबाजी की। इन बयानों का समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रचार-प्रसार होने से पार्टी संगठन की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। नोटिस में जैन के आचरण को वरिष्ठ नेता होने के बावजूद अनुशासनहीनता की श्रेणी में बताया गया है। जयपाल बोले- यह दबाव की राजनीति, 3-4 टिकट के लिए बनाया जा रहा प्रेशर नोटिस को लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि संगठन के बायलॉज के तहत पूर्व अध्यक्ष विजय जैन को नोटिस दिया गया है। उन्हें अपने बयानों और पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर 7 दिन में जवाब देना होगा। जयपाल ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला ‘प्रेशर टैक्टिक्स’ का है। उनके मुताबिक कुछ लोग तीन-चार टिकट हासिल करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले करीब 9 महीने में AICC और PCC की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में जैन और उनके साथियों ने कितने कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। ‘कांग्रेस आपके द्वार’ के बीच बढ़ा विवाद अजमेर शहर कांग्रेस की ओर से इन दिनों ‘कांग्रेस आपके द्वार’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी बीच 7 अगस्त को हुए एक संवाद कार्यक्रम को लेकर भी कांग्रेस में विवाद गहरा गया। जयपाल का आरोप है कि इस कार्यक्रम के जरिए पार्टी के अभियान को नुकसान पहुंचाने, कार्यकर्ताओं और जनता का ध्यान भटकाने तथा निकाय चुनाव पर विपरीत असर डालने का प्रयास किया गया। जयपाल ने कहा कि कांग्रेस का अभियान जनता के बीच चल रहा है और उसे अच्छा समर्थन मिल रहा है। उनका कहना है कि कुछ लोगों के विरोध से पार्टी के अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जयपाल का तंज- हॉल में 20-30 लोग बैठकर विरोध करने से क्या फर्क पड़ेगा? चुनाव में इस अंदरूनी विवाद से नुकसान के सवाल पर जयपाल ने कहा कि कुछ लोग एक हॉल में 20-30 लोगों के साथ बैठकर विरोध कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता ‘कांग्रेस आपके द्वार’ अभियान के तहत जनता के बीच जा रहे हैं। उनके अनुसार जनता में कांग्रेस को लेकर उत्साह है और लोग इस बार कांग्रेस का बोर्ड तथा कांग्रेस का मेयर चाहते हैं। जैन-भाटी पर पुराने चुनावों में भितरघात के आरोप भी लगाए विवाद की पृष्ठभूमि केवल मौजूदा घटनाक्रम तक सीमित नहीं है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जयपाल ने पूर्व अध्यक्ष विजय जैन और PCC सदस्य हेमंत भाटी पर पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने के आरोप भी लगाए हैं। जयपाल का दावा है कि दोनों नेताओं का ट्रैक रिकॉर्ड पार्टी में अनुशासनहीनता और भितरघात से जुड़ा रहा है। डोटासरा को पहले ही भेजा था पत्र, अब जयपुर में रखेंगे अपना पक्ष इस विवाद से पहले डॉ. राजकुमार जयपाल सहित कांग्रेस के पांच वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को पत्र भेजकर विजय जैन और हेमंत भाटी के रवैये को लेकर शिकायत की थी। अब इसी मामले में जैन और भाटी के जयपुर पहुंचकर प्रदेश नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखने की बात सामने आई है। निकाय चुनाव से पहले खुली गुटबाजी, अब सबकी नजर जवाब पर अजमेर में निकाय चुनाव की तैयारियां तेज होने के बीच कांग्रेस का यह अंदरूनी विवाद राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। एक तरफ शहर कांग्रेस नेतृत्व ‘कांग्रेस आपके द्वार’ अभियान के जरिए संगठन को चुनाव के लिए सक्रिय करने में जुटा है, तो दूसरी तरफ पार्टी के ही वरिष्ठ नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। यह खबर भी पढ़ें….. नगर निगम चुनाव से पहले अजमेर कांग्रेस में अंदरूनी कलह:* पूर्व जिलाध्यक्ष बोले- बंद कमरे की राजनीति बंद करो, बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं


