नालंदा में सकरी नदी का बढ़ा जलस्तर:दरियापुर के पास डायवर्सन डूबा, छोटी गाड़ियों की आवाजाही ठप; पूर्वी इलाके का मुख्यालय से संपर्क टूटा

नालंदा में सकरी नदी का बढ़ा जलस्तर:दरियापुर के पास डायवर्सन डूबा, छोटी गाड़ियों की आवाजाही ठप; पूर्वी इलाके का मुख्यालय से संपर्क टूटा

नालंदा जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों में उफान आने लगा है। बिहारशरीफ-कतरीसराय मुख्य मार्ग पर दरियापुर के पास सकरी नदी के जर्जर पुल के पास बना डायवर्सन जलस्तर बढ़ने से दोबारा पानी में डूब गया। छोटी गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है, साथ ही वहां चल रहा मरम्मत कार्य भी ठप पड़ गया है। इसके चलते पूर्वी और शेखपुरा जिले के पश्चिमी हिस्से का जिला मुख्यालय बिहारशरीफ से सीधा संपर्क टूट गया है। उदेरास्थान बराज का गेट खुला, लोकाइन में बढ़ा बहाव जहानाबाद से गुजरने वाली फल्गु नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद शनिवार को उदेरास्थान बराज का एक गेट खोल दिया गया। बराज से लोकाइन नदी में करीब 1400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे इस नदी का जलस्तर भी बढ़ने की संभावना है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। एकंगरसराय बाढ़ निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता बाल्मीकि प्रसाद ने बताया कि नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सहायक अभियंता और कनीय अभियंता तटबंधों का लगातार मुआयना कर रहे हैं। फिलहाल नदियों में पानी खतरे के निशान से काफी नीचे है और बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। एक सितंबर को भी बहा था डायवर्सन दरियापुर में सकरी नदी पर बना पक्का पुल काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। पूर्व में इसका पिलर धंस जाने के कारण प्रशासन ने पुल से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी थी। इसके विकल्प के रूप में नदी की सतह पर कच्चा डायवर्सन तैयार किया गया था। बीते एक सितंबर को भी नदी में आए उफान से यह डायवर्सन बह गया था। हाल ही में पानी घटने पर इसकी मरम्मत कराई जा रही थी और केवल हल्के वाहनों को निकलने की अनुमति दी गई थी, लेकिन नदी में दोबारा पानी आने से यह फिर जलमग्न हो गया। 15 की जगह 35 किमी. का फेरा लगाने को मजबूर ग्रामीण डायवर्सन डूबने से मानपुर, पलनी, रहिंचा, कबीरपुर, मैरा और बरीठ समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बैजनाथपुर के धर्मेंद्र सिंह, तेतरावां के राजीव पांडेय, पलनी के हीरा कुमार और दरियापुर के विकास कुमार ने बताया कि इस रास्ते से जिला मुख्यालय की दूरी मात्र 12 से 15 किलोमीटर थी। अब लोगों को गिरियक-पावापुरी मार्ग से करीब 35 से 40 किलोमीटर या अस्थावां होकर 25 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसी रास्ते से शेखपुरा और बरबीघा के पश्चिमी क्षेत्र के यात्री भी आते-जाते थे, जिन्हें अब भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। नालंदा जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों में उफान आने लगा है। बिहारशरीफ-कतरीसराय मुख्य मार्ग पर दरियापुर के पास सकरी नदी के जर्जर पुल के पास बना डायवर्सन जलस्तर बढ़ने से दोबारा पानी में डूब गया। छोटी गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है, साथ ही वहां चल रहा मरम्मत कार्य भी ठप पड़ गया है। इसके चलते पूर्वी और शेखपुरा जिले के पश्चिमी हिस्से का जिला मुख्यालय बिहारशरीफ से सीधा संपर्क टूट गया है। उदेरास्थान बराज का गेट खुला, लोकाइन में बढ़ा बहाव जहानाबाद से गुजरने वाली फल्गु नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद शनिवार को उदेरास्थान बराज का एक गेट खोल दिया गया। बराज से लोकाइन नदी में करीब 1400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे इस नदी का जलस्तर भी बढ़ने की संभावना है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। एकंगरसराय बाढ़ निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता बाल्मीकि प्रसाद ने बताया कि नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सहायक अभियंता और कनीय अभियंता तटबंधों का लगातार मुआयना कर रहे हैं। फिलहाल नदियों में पानी खतरे के निशान से काफी नीचे है और बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। एक सितंबर को भी बहा था डायवर्सन दरियापुर में सकरी नदी पर बना पक्का पुल काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। पूर्व में इसका पिलर धंस जाने के कारण प्रशासन ने पुल से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी थी। इसके विकल्प के रूप में नदी की सतह पर कच्चा डायवर्सन तैयार किया गया था। बीते एक सितंबर को भी नदी में आए उफान से यह डायवर्सन बह गया था। हाल ही में पानी घटने पर इसकी मरम्मत कराई जा रही थी और केवल हल्के वाहनों को निकलने की अनुमति दी गई थी, लेकिन नदी में दोबारा पानी आने से यह फिर जलमग्न हो गया। 15 की जगह 35 किमी. का फेरा लगाने को मजबूर ग्रामीण डायवर्सन डूबने से मानपुर, पलनी, रहिंचा, कबीरपुर, मैरा और बरीठ समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बैजनाथपुर के धर्मेंद्र सिंह, तेतरावां के राजीव पांडेय, पलनी के हीरा कुमार और दरियापुर के विकास कुमार ने बताया कि इस रास्ते से जिला मुख्यालय की दूरी मात्र 12 से 15 किलोमीटर थी। अब लोगों को गिरियक-पावापुरी मार्ग से करीब 35 से 40 किलोमीटर या अस्थावां होकर 25 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसी रास्ते से शेखपुरा और बरबीघा के पश्चिमी क्षेत्र के यात्री भी आते-जाते थे, जिन्हें अब भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है।  

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