नागा साधुओं संग सीएम शुभेन्दु अधिकारी की ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’, बोले- ये विवेकानंद की धरती, भगवा का अपमान बर्दाश्त नहीं

नागा साधुओं संग सीएम शुभेन्दु अधिकारी की ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’, बोले- ये विवेकानंद की धरती, भगवा का अपमान बर्दाश्त नहीं

Kolkata Gerua Samman Yatra: बुधवार को कोलकाता में शुभेन्दु अधिकारी ने ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का नेतृत्व किया। लगभग 3 किलोमीटर लंबी यह यात्रा गोलपार्क से शुरू हुई। इस मार्च में नागा साधुओं समेत बड़ी संख्या में साधु-संत शामिल हुए। 

Gerua Samman Yatra: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के नेतृत्व में बुधवार को कोलकाता की सड़कों पर ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ निकाली गई। गेरुआ कुर्ता पहने और हाथ में गेरुआ झंडा लिए मुख्यमंत्री ने गोलपार्क से संतों और नागा साधुओं के साथ 3 किलोमीटर लंबी पदयात्रा किया। राजा सुबोध चंद्र मल्लिक रोड के दक्षिणी हिस्से से गुजरते हुए यह जुलूस जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर 8B बस स्टैंड तक पहुंची। इस दौरान पूरे रास्ते जय श्री राम के नारे लगते रहे।

विवेकानंद की धरती पर गेरुआ का अपमान बर्दाश्त नहीं : सीएम

इस दौरान शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि ‘गेरुआ’ का अपमान किया गया है और यह विशाल यात्रा उसी हरकत के विरोध में आयोजित की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मीडिया संगठन लगातार गेरुआ रंग को नीचा दिखाने और बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। चेतावनी देते हुए शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि यह राज्य गेरुआ और स्वामी विवेकानंद की पावन भूमि है, जहां भगवा के सम्मान के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आज सीधी चेतावनी दे दी गई है और अब भगवा का अपमान करने से पहले किसी को भी पांच बार सोचना पड़ेगा।

क्यों निकाली गई यात्रा?

यह विशाल भगवा यात्रा हाल ही में जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में वामपंथी छात्र संगठनों और RSS से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीच हुई हिंसक झड़पों, पोस्टरों को फाड़ने और ग्राफिटी वॉर के बाद आयोजित किया गया था। BJP के अनुसार, इस मार्च का मुख्य मकसद भगवा रंग से जुड़े सनातनी मूल्यों, आदर्शों और सम्मान के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाना और इसकी छवि खराब करने की राजनीतिक साजिशों को नाकाम करना था।

यूनिवर्सिटी गेट कर दिया गया था बंद

‘भगवा सम्मान यात्रा’ के जाधवपुर यूनिवर्सिटी पहुंचने पर संभावित टकराव और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को देखते हुए, यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट पूरी तरह बंद कर दिया गया था। कैंपस के अंदर किसी भी अप्रिय घटना या सीधे टकराव को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

गौरतलब है कि करीब दो हफ्ते पहले शुभेन्दु अधिकारी जाधवपुर यूनिवर्सिटी गेट के बाहर एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां लगभग 10,000 लोगों ने एक साथ ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया था।

  

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