नागपुर में कांग्रेस की जीत पर रामदास आठवले का चौंकाने वाला बयान, बोले- बागी ने बिगाड़ा भाजपा का खेल!

नागपुर में कांग्रेस की जीत पर रामदास आठवले का चौंकाने वाला बयान, बोले- बागी ने बिगाड़ा भाजपा का खेल!

Nagpur Election Result: नागपुर में कांग्रेस की जीत के बाद अब चर्चा इस बात की हो रही है कि भाजपा को हार कैसे मिली। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने इस सवाल का जवाब देते हुए भाजपा के बागी उम्मीदवार को वजह बताया है। उनका कहना है कि बागी के मैदान में उतरने से चुनाव का गणित बिगड़ गया और कांग्रेस को इसका फायदा मिला। आठवले ने यह भी कहा कि नागपुर की जीत को कांग्रेस की बड़ी कामयाबी नहीं माना जाना चाहिए।

कांग्रेस की जीत के बाद आए आठवले के इस बयान ने महाराष्ट्र की सियासत में नई चर्चा शुरू कर दी है। उन्होंने माना कि चुनाव में बागी उम्मीदवार की मौजूदगी का असर पड़ा। उनके मुताबिक, भाजपा का एक बागी उम्मीदवार चुनाव लड़ रहा था, जबकि एक अन्य बागी ने बाद में अपना नाम वापस ले लिया था। आठवले का मानना है कि बागी उम्मीदवार के मैदान में बने रहने से भाजपा को नुकसान हुआ।

28 सीटों में कांग्रेस को मिली सिर्फ एक जीत

आठवले ने अपनी बात रखते हुए देशभर में हुए विधान परिषद चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुल 28 सीटों में कांग्रेस केवल एक सीट जीत सकी, जबकि ज्यादातर सीटें भाजपा और एनडीए के खाते में गईं।

उनके इस बयान का सीधा मतलब है कि वह नागपुर के नतीजे को कांग्रेस के बढ़ते जनाधार का संकेत नहीं मानते। हालांकि, अलग-अलग सीटों पर जीत और हार के पीछे स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवारों की लोकप्रियता और वोटों का बंटवारा भी अहम भूमिका निभाते हैं।

कर्नाटक में भी कांग्रेस का किया जिक्र

केंद्रीय मंत्री ने कर्नाटक का उदाहरण देकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी वहां जीत हासिल नहीं कर सकी। आठवले ने इसी आधार पर दावा किया कि देशभर में लोगों का झुकाव भाजपा और एनडीए की ओर है।

हालांकि, यह आठवले का चुनावी आकलन है। अलग-अलग राज्यों के नतीजों को एक साथ देखकर पूरे देश के मतदाताओं की पसंद तय करना आसान नहीं है। हर सीट पर चुनावी मुद्दे और मुकाबले की स्थिति अलग हो सकती है।

बागी उम्मीदवार की भूमिका पर टिकी नजरें

नागपुर में कांग्रेस की जीत के बाद अब भाजपा के बागी उम्मीदवार की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आठवले ने हार की वजह बागी उम्मीदवार को बताया है, लेकिन यह साफ नहीं है कि उसके चुनाव लड़ने से किस उम्मीदवार के कितने वोट प्रभावित हुए।

यही वजह है कि नागपुर का नतीजा अब सिर्फ कांग्रेस की जीत तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ कांग्रेस के लिए यह जीत अहम है, तो दूसरी तरफ आठवले इसे भाजपा के भीतर बगावत से बने चुनावी समीकरणों का नतीजा मान रहे हैं। अब इस बयान के बाद महाराष्ट्र में चुनावी हार और बागियों की भूमिका पर बहस तेज हो सकती है।

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