शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के समापन के बाद आज पटना में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। नौ दिनों तक पूजा-अर्चना, भक्ति गीतों और धार्मिक आयोजनों से गुलजार रहे शहर में अब मां की विदाई की तैयारी है। पूजा पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। विसर्जन के दौरान भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालु नम आंखों से मां को विदाई देंगे। वहीं, बंगाली पद्धति में लोग सिंदूर खेला कर मां को विदा करेंगे। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद होगी प्रतिमा विसर्जन नवरात्रि के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में आकर्षक पंडाल बनाए गए थे। कहीं पारंपरिक सजावट तो कहीं अनूठी थीम लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। पंडालों में ढाक की गूंज, धूप-दीप की सुगंध, आरती और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा। बंगाली परंपरा के अनुसार, कई जगहों पर धनुची नृत्य और पुष्पांजलि जैसे आयोजन भी हुए। श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए। विजयादशमी के अवसर पर हवन-पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के बाद अब प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए पूजा समितियों की ओर से आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। विसर्जन के दौरान श्रद्धालु जुलूस के साथ मां की प्रतिमाओं को विदाई देंगे। इस दौरान भजन, जयकारे और मां दुर्गा के उद्घोष गूंजेंगे। मूर्ति विसर्जन के लिए घाटों पर बने आर्टिफिशियल तालाब दुर्गापूजा के बाद मूर्ति विसर्जन को लेकर पटना नगर निगम ने तैयारियां की हैं। गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए घाटों पर आर्टिफिशियल तालाबों का निर्माण किया गया है। जहां पहले से तालाब हैं, उनकी सफाई और मरम्मत की गई है। विसर्जन के तुरंत बाद पानी से मूर्तियों के अवशेष और पूजन सामग्री निकालने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के दबाव को देखते हुए पाटलिपुत्र अंचल में 30 और अजीमाबाद अंचल में 140 अतिरिक्त मैनपावर लगाए गए हैं। प्रमुख घाटों पर गोताखोर तैनात रहेंगे। सभी विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के समापन के बाद आज पटना में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। नौ दिनों तक पूजा-अर्चना, भक्ति गीतों और धार्मिक आयोजनों से गुलजार रहे शहर में अब मां की विदाई की तैयारी है। पूजा पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। विसर्जन के दौरान भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालु नम आंखों से मां को विदाई देंगे। वहीं, बंगाली पद्धति में लोग सिंदूर खेला कर मां को विदा करेंगे। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद होगी प्रतिमा विसर्जन नवरात्रि के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में आकर्षक पंडाल बनाए गए थे। कहीं पारंपरिक सजावट तो कहीं अनूठी थीम लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। पंडालों में ढाक की गूंज, धूप-दीप की सुगंध, आरती और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा। बंगाली परंपरा के अनुसार, कई जगहों पर धनुची नृत्य और पुष्पांजलि जैसे आयोजन भी हुए। श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए। विजयादशमी के अवसर पर हवन-पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के बाद अब प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए पूजा समितियों की ओर से आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। विसर्जन के दौरान श्रद्धालु जुलूस के साथ मां की प्रतिमाओं को विदाई देंगे। इस दौरान भजन, जयकारे और मां दुर्गा के उद्घोष गूंजेंगे। मूर्ति विसर्जन के लिए घाटों पर बने आर्टिफिशियल तालाब दुर्गापूजा के बाद मूर्ति विसर्जन को लेकर पटना नगर निगम ने तैयारियां की हैं। गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए घाटों पर आर्टिफिशियल तालाबों का निर्माण किया गया है। जहां पहले से तालाब हैं, उनकी सफाई और मरम्मत की गई है। विसर्जन के तुरंत बाद पानी से मूर्तियों के अवशेष और पूजन सामग्री निकालने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के दबाव को देखते हुए पाटलिपुत्र अंचल में 30 और अजीमाबाद अंचल में 140 अतिरिक्त मैनपावर लगाए गए हैं। प्रमुख घाटों पर गोताखोर तैनात रहेंगे। सभी विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

