कानपुर नगर निगम में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के मामले सामने आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब आउटसोर्स सफाई कर्मियों की ड्यूटी और वेतन को लेकर सवाल उठे हैं। वार्ड-27 नानकारी के पार्षद सुनील कुमार ने शुक्रवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से शिकायत की है कि उनके वार्ड में तैनात 8 सफाई कर्मी पिछले साढ़े 3 साल से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी हाजिरी लग रही है और हर महीने वेतन भी जारी हो रहा है। पार्षद का आरोप है कि अधिकारियों के पास भी इन कर्मचारियों के बारे में सही जानकारी नहीं है। वहीं अब नगर आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। 80 की जरूरत, मिले सिर्फ 41 कर्मचारी पार्षद सुनील कुमार ने बताया कि नानकारी वार्ड करीब 5 किमी के दायरे में फैला है। इतनी बड़ी आबादी और क्षेत्रफल वाले वार्ड में सफाई व्यवस्था के लिए करीब 80 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन नगर निगम ने सिर्फ 41 कर्मचारी दिए हैं। इनमें से भी 8 कर्मचारी पिछले साढ़े तीन साल से ड्यूटी से गायब हैं। इनकी हाजिरी लग रही है और हर महीने वेतन जा रहा है, लेकिन इसकी जानकारी नहीं दी जा रही। पार्षद का कहना है कि सफाई नायक से कई बार कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर मांगा गया, लेकिन हर बार उन्हें टरका दिया जाता है। कर्मचारियों की गैरहाजिरी के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। लोगों की शिकायत है कि कई इलाकों में तीन-तीन दिन तक झाड़ू नहीं लगती। जांच के बजाय भेजे गए दो कर्मचारी पार्षद ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से शिकायत की थी। नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त प्रथम को मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे, लेकिन वे निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। इसके बजाय सफाई इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे और एक दिन के लिए दो नए कर्मचारी भेजे। पार्षद के मुताबिक, अगले दिन से वे दोनों भी ड्यूटी पर नहीं आए। अब पार्षद ने दोबारा नगर आयुक्त से शिकायत की। मामले में नगर आयुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित बताए जा रहे कर्मचारियों की हाजिरी कैसे लग रही थी और उनका वेतन किस आधार पर बन रहा था।

