धनबाद के कतरास क्षेत्र के छाताबाद काजू बागान में एक बार फिर भूधसान की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। तालाब के समीप अचानक तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई, जिससे वहां बड़ा और गहरा गोफ बन गया। भूधसान के बाद पास स्थित तालाब का पानी तेजी से गोफ में समाने लगा। पानी के जमीन में समाने से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद गोफ को भरने का काम शुरू कराया गया। राहत की बात रही कि जिस स्थान पर जमीन धंसी, वहां कोई आबादी नहीं थी। इससे बड़े हादसे की आशंका टल गयी। 7 अगस्त को जमींदोज हुए थे करीब 20 घर छाताबाद में लगातार हो रही भूधसान की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले 7 अगस्त को हुई बड़ी भूधसान की घटना में करीब 20 घर जमींदोज हो गये थे। घटना के बाद प्रभावित लोगों ने मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर करीब 20 दिनों तक आशियाना आंदोलन चलाया था। मंत्री हफीजुल हसन की अगुवाई में हुई त्रिपक्षीय वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था। आंदोलन समाप्त होने के ठीक दूसरे दिन फिर भूधसान की घटना होने से लोगों में नाराजगी के साथ भय का माहौल है। सर्वे नहीं होने से बढ़ी चिंता, सुरक्षा उपाय की मांग स्थानीय निवासी अफसर उर्फ छोटू ने कहा कि छाताबाद लगातार भूधसान की घटनाओं से प्रभावित हो रहा है, लेकिन अब तक इलाके की स्थिति का कोई ठोस सर्वे नहीं कराया गया है। उन्होंने बीसीसीएल से पूरे क्षेत्र का जल्द सर्वे कराने की मांग की है। साथ ही खतरे वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर सुरक्षा और बचाव के आवश्यक उपाय करने की बात कही। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब का पानी लगातार जमीन के अंदर समाने से आसपास के इलाकों में भी खतरा बढ़ सकता है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाये गये, तो भविष्य में किसी आबादी वाले क्षेत्र में भी बड़ा हादसा हो सकता है। अधिकारियों ने शुरू कराया गोफ भरने का काम घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद गोफ को भरने का काम शुरू कराया। फिलहाल मौके पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लगातार हो रही भूधसान की घटनाओं के बीच स्थानीय लोग इलाके की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। धनबाद के कतरास क्षेत्र के छाताबाद काजू बागान में एक बार फिर भूधसान की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। तालाब के समीप अचानक तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई, जिससे वहां बड़ा और गहरा गोफ बन गया। भूधसान के बाद पास स्थित तालाब का पानी तेजी से गोफ में समाने लगा। पानी के जमीन में समाने से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद गोफ को भरने का काम शुरू कराया गया। राहत की बात रही कि जिस स्थान पर जमीन धंसी, वहां कोई आबादी नहीं थी। इससे बड़े हादसे की आशंका टल गयी। 7 अगस्त को जमींदोज हुए थे करीब 20 घर छाताबाद में लगातार हो रही भूधसान की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले 7 अगस्त को हुई बड़ी भूधसान की घटना में करीब 20 घर जमींदोज हो गये थे। घटना के बाद प्रभावित लोगों ने मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर करीब 20 दिनों तक आशियाना आंदोलन चलाया था। मंत्री हफीजुल हसन की अगुवाई में हुई त्रिपक्षीय वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था। आंदोलन समाप्त होने के ठीक दूसरे दिन फिर भूधसान की घटना होने से लोगों में नाराजगी के साथ भय का माहौल है। सर्वे नहीं होने से बढ़ी चिंता, सुरक्षा उपाय की मांग स्थानीय निवासी अफसर उर्फ छोटू ने कहा कि छाताबाद लगातार भूधसान की घटनाओं से प्रभावित हो रहा है, लेकिन अब तक इलाके की स्थिति का कोई ठोस सर्वे नहीं कराया गया है। उन्होंने बीसीसीएल से पूरे क्षेत्र का जल्द सर्वे कराने की मांग की है। साथ ही खतरे वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर सुरक्षा और बचाव के आवश्यक उपाय करने की बात कही। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब का पानी लगातार जमीन के अंदर समाने से आसपास के इलाकों में भी खतरा बढ़ सकता है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाये गये, तो भविष्य में किसी आबादी वाले क्षेत्र में भी बड़ा हादसा हो सकता है। अधिकारियों ने शुरू कराया गोफ भरने का काम घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद गोफ को भरने का काम शुरू कराया। फिलहाल मौके पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लगातार हो रही भूधसान की घटनाओं के बीच स्थानीय लोग इलाके की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

