दुनिया के बड़े आर्थिक मंच G20 में पोलैंड को क्यों शामिल देखना चाहता है अमेरिका?

दुनिया के बड़े आर्थिक मंच G20 में पोलैंड को क्यों शामिल देखना चाहता है अमेरिका?

G20 Summit: अमेरिका ने जी-20 में पोलैंड की भागीदारी जारी रखने का समर्थन किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि पोलैंड वैश्विक नेताओं के इस मंच पर जगह पाने का हकदार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पोलैंड और तेजी से उभर रहे दूसरे देशों को अगले साल होने वाली बैठकों में फिर आमंत्रित किया जाएगा। रुबियो ने यह बात अटलांटा में जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के समापन पर कही। उन्होंने बैठक में आमंत्रित देशों में शामिल पोलैंड के प्रतिनिधिमंडल की खास तौर पर तारीफ की। रुबियो ने पोलैंड की आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि एक मजबूत सहयोगी के रूप में उसकी स्थिति अमेरिका के लिए भी फायदेमंद है।

ट्रंप मानते हैं कि पोलैंड को G20 में जगह मिलनी चाहिए

मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि पोलैंड वैश्विक नेताओं के इस मंच पर सीट पाने का हकदार है। अमेरिका अगले साल पोलैंड और अन्य उभरते देशों को फिर आमंत्रित किए जाने की उम्मीद कर रहा है।

रुबियो ने पोलैंड की भागीदारी को लेकर अमेरिकी समर्थन जरूर जताया, लेकिन उन्होंने जी-20 की स्थायी सदस्यता देने का कोई सामूहिक फैसला घोषित नहीं किया। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि समूह की सदस्यता में बदलाव की कोई औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई है या नहीं। उनका बयान अगले साल होने वाली बैठक में पोलैंड और अन्य उभरते देशों को आमंत्रित करने की उम्मीद तक सीमित था। उन्होंने दूसरे संभावित देशों के नाम या उन्हें शामिल करने के मानदंड भी नहीं बताए।

आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्र में पोलैंड की प्रगति की तारीफ

रुबियो ने पोलैंड की आर्थिक और सुरक्षा से जुड़ी उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पोलैंड ने अपने राष्ट्रीय हितों और नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता देकर प्रगति की है।

अमेरिकी विदेश मंत्री के मुताबिक, पोलैंड पहले से ज्यादा मजबूत और सक्षम देश बना है। उन्होंने कहा कि पोलैंड के सहयोगी और साझेदार के तौर पर अमेरिका भी इससे मजबूत हुआ है।

ऊर्जा, तकनीक और सप्लाई चेन पर हुई चर्चा

अटलांटा में हुई जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में ऊर्जा, तकनीक, वैश्विक सप्लाई चेन और समुद्री मार्गों से जुड़ी स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। रुबियो ने कहा कि ये सभी चुनौतियां एक-दूसरे से जुड़ी हैं और इनके समाधान के लिए देशों के बीच सहयोग जरूरी है। उन्होंने माना कि बैठक में शामिल देशों के बीच समस्याओं के कारणों और उनके समाधान को लेकर पूरी सहमति नहीं बन पाई। हालांकि, खाद्य सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और समुद्री मार्गों तक पहुंच को लेकर साझा चिंताओं की पहचान करना भी जरूरी कदम है। रुबियो ने कहा कि कुछ देश पहले से ही सप्लाई चेन और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं।

दिसंबर में फ्लोरिडा में होगी G20 नेताओं की बैठक

रुबियो ने बताया कि अमेरिका ने जी-20 की अध्यक्षता के दौरान मंच के मूल आर्थिक उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार ऐसे व्यावहारिक नतीजों पर काम कर रही है, जिनसे अमेरिका के नागरिकों के साथ-साथ दूसरे देशों को भी फायदा हो। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दिसंबर में फ्लोरिडा में होने वाली जी-20 नेताओं की बैठक की अगुवाई करेंगे। रुबियो ने अटलांटा की बैठक को उस शिखर सम्मेलन की तैयारियों का अहम हिस्सा बताया।

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