दारोगा भर्ती:अंडरवियर में वॉकी-टॉकी छिपा कर परीक्षा हॉल में घुसा था अभ्यर्थी

दारोगा भर्ती:अंडरवियर में वॉकी-टॉकी छिपा कर परीक्षा हॉल में घुसा था अभ्यर्थी

गयाजी स्टेशन के रेस्टोरेंट में बना था वॉर-रूम, 15 सॉल्वर जुड़े थे दारोगा बहाली मुख्य परीक्षा में फर्जीवाड़े में गयाजी के रामपुर थाने द्वारा गिरफ्तार नालंदा निवासी आशुतोष कुमार के कबूलनामे ने डिजिटल नकल सिंडिकेट का सनसनीखेज खुलासा किया है। आशुतोष ने पुलिस को बताया कि उसके बहनोई और पीटी पास अभ्यर्थी मुन्ना कुमार उर्फ मुन्ना पासवान (एफआईआर में मुकेश कुमार) को मेरिट लिस्ट में लाने के लिए आरा के सेटर दीपक कुमार से 20 लाख रुपए में डील तय हुई थी। एडवांस के तौर पर मिले 30 हजार रुपए आशुतोष, दीपक और सोनू ने 10-10 हजार रुपए आपस में बांट लिये थे। योजना के तहत 27 मई को दूसरी पाली में मुन्ना मेटल डिटेक्टर की जांच से बचकर अंडरवियर में वॉकी-टॉकी किट छिपाकर गया कॉलेज केंद्र के भीतर घुस गया। परीक्षा शुरू होते ही मुन्ना ने अंदर से वॉकी-टॉकी पर 30-35 सवाल पढ़कर बाहर बताए। बाहर रामपुर शिव मंदिर के पास पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर सेटर दीपक ने सवाल सुने, उन्हें वाट्सएप ग्रुप पर सॉल्वरों को भेजा और वहां से मिले उत्तर वॉकी-टॉकी के जरिए मुन्ना को हल करवाए जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने सिंडिकेट को दबोच लिया। चेन ऑफ कस्टडी पर आयोग की चुप्पी, ईओयू भेजेगी तीसरा पत्र इधर, ईओयू की एसआईटी जांच में यह साबित हो चुका है कि 27 मई की मुख्य परीक्षा का पर्चा पहले ही लीक हो चुका था। खगौल के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय केंद्र पर परीक्षा से पहले ही प्रश्नपुस्तिका का पैकेट फटा मिला था, जिसकी जानकारी आयोग को उसी दिन मिल गई थी। इसके बावजूद आयोग ने 119 दिनों तक मामला दबाए रखा। ईओयू अब यह कड़ियां जोड़ने में जुटी है कि सील आयोग के स्ट्रांग रूम में टूटी, वाहन में या केंद्र पर? दो बार मांगने के बाद भी आयोग स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, वाहनों के रूट चार्ट और जीपीएस लॉग नहीं दे रहा है, जिसके लिए ईओयू अब तीसरा पत्र भेजने की तैयारी में है। आशुतोष के अनुसार, गिरोह परीक्षा से दो दिन पहले ही गयाजी रेलवे स्टेशन स्थित दरबार रेस्टोरेंट के एक कमरे में डेरा डाल चुका था। 27 मई की सुबह 7 बजे पटना के सगुना मोड़ निवासी सेटर अर्जुन कुमार और आरा के दीपक ने मिलकर एक वाट्सएप ग्रुप बनाया, जिसमें 10-15 सॉल्वरों को जोड़ा गया था। इसी बीच, प्रारंभिक परीक्षा में फरार चल रहे सेटरों की तलाश में ईओयू ने मधेपुरा, पूर्णिया और पटना में छापेमारी कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी है। गयाजी स्टेशन के रेस्टोरेंट में बना था वॉर-रूम, 15 सॉल्वर जुड़े थे दारोगा बहाली मुख्य परीक्षा में फर्जीवाड़े में गयाजी के रामपुर थाने द्वारा गिरफ्तार नालंदा निवासी आशुतोष कुमार के कबूलनामे ने डिजिटल नकल सिंडिकेट का सनसनीखेज खुलासा किया है। आशुतोष ने पुलिस को बताया कि उसके बहनोई और पीटी पास अभ्यर्थी मुन्ना कुमार उर्फ मुन्ना पासवान (एफआईआर में मुकेश कुमार) को मेरिट लिस्ट में लाने के लिए आरा के सेटर दीपक कुमार से 20 लाख रुपए में डील तय हुई थी। एडवांस के तौर पर मिले 30 हजार रुपए आशुतोष, दीपक और सोनू ने 10-10 हजार रुपए आपस में बांट लिये थे। योजना के तहत 27 मई को दूसरी पाली में मुन्ना मेटल डिटेक्टर की जांच से बचकर अंडरवियर में वॉकी-टॉकी किट छिपाकर गया कॉलेज केंद्र के भीतर घुस गया। परीक्षा शुरू होते ही मुन्ना ने अंदर से वॉकी-टॉकी पर 30-35 सवाल पढ़कर बाहर बताए। बाहर रामपुर शिव मंदिर के पास पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर सेटर दीपक ने सवाल सुने, उन्हें वाट्सएप ग्रुप पर सॉल्वरों को भेजा और वहां से मिले उत्तर वॉकी-टॉकी के जरिए मुन्ना को हल करवाए जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने सिंडिकेट को दबोच लिया। चेन ऑफ कस्टडी पर आयोग की चुप्पी, ईओयू भेजेगी तीसरा पत्र इधर, ईओयू की एसआईटी जांच में यह साबित हो चुका है कि 27 मई की मुख्य परीक्षा का पर्चा पहले ही लीक हो चुका था। खगौल के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय केंद्र पर परीक्षा से पहले ही प्रश्नपुस्तिका का पैकेट फटा मिला था, जिसकी जानकारी आयोग को उसी दिन मिल गई थी। इसके बावजूद आयोग ने 119 दिनों तक मामला दबाए रखा। ईओयू अब यह कड़ियां जोड़ने में जुटी है कि सील आयोग के स्ट्रांग रूम में टूटी, वाहन में या केंद्र पर? दो बार मांगने के बाद भी आयोग स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, वाहनों के रूट चार्ट और जीपीएस लॉग नहीं दे रहा है, जिसके लिए ईओयू अब तीसरा पत्र भेजने की तैयारी में है। आशुतोष के अनुसार, गिरोह परीक्षा से दो दिन पहले ही गयाजी रेलवे स्टेशन स्थित दरबार रेस्टोरेंट के एक कमरे में डेरा डाल चुका था। 27 मई की सुबह 7 बजे पटना के सगुना मोड़ निवासी सेटर अर्जुन कुमार और आरा के दीपक ने मिलकर एक वाट्सएप ग्रुप बनाया, जिसमें 10-15 सॉल्वरों को जोड़ा गया था। इसी बीच, प्रारंभिक परीक्षा में फरार चल रहे सेटरों की तलाश में ईओयू ने मधेपुरा, पूर्णिया और पटना में छापेमारी कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी है।  

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