दाउदनगर में पहली बार सरकारी स्तर पर जिउतिया लोकउत्सव:उद्घाटन समारोह में मंत्री और सांसद आएंगे; 1860 से चली आ रही परंपरा को पहली बार सरकारी पहचान

दाउदनगर में पहली बार सरकारी स्तर पर जिउतिया लोकउत्सव:उद्घाटन समारोह में मंत्री और सांसद आएंगे; 1860 से चली आ रही परंपरा को पहली बार सरकारी पहचान

औरंगाबाद के दाउदनगर में ऐतिहासिक जिउतिया लोक परंपरा को इस वर्ष पहली बार सरकारी स्तर पर व्यापक पहचान मिलने जा रही है। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में नगर परिषद कार्यालय परिसर में जिउतिया लोक उत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के लिए कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से तीन लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। खास बात यह है कि जिउतिया लोक उत्सव को पहली बार बिहार सरकार के सांस्कृतिक कैलेंडर में भी शामिल किया गया है। दाउदनगर में जिउतिया पर्व की परंपरा करीब 1860 यानी संवत 1917 से चली आ रही है। पर्व के दौरान शहर के चार प्रमुख चौकों पर भगवान जीमूतवाहन की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है। अंतिम तीन दिनों में नकल-अभिनय, झांकियां और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहती हैं। सरकारी स्तर पर आयोजित होने वाले इस उत्सव से दाउदनगर की लोक संस्कृति को व्यापक मंच मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। मंत्री, सांसद और विधायक होंगे शामिल जिउतिया लोक उत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में औरंगाबाद जिले की प्रभारी मंत्री एवं पिछड़ा वर्ग तथा अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद और कला एवं संस्कृति विभाग सह खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा काराकाट सांसद राजाराम सिंह, औरंगाबाद सांसद अभय कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद के सदस्य अवधेश नारायण सिंह, दिलीप कुमार सिंह, जीवन कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष प्रमिला देवी, उपाध्यक्ष किरण सिंह और दाउदनगर उत्तरी के जिला परिषद सदस्य अमरेन्द्र कुमार के भी उपस्थित रहने की संभावना है। कुटुंबा विधायक ललन राम, नबीनगर विधायक चेतन आनंद, औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, रफीगंज विधायक प्रमोद सिंह, ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चन्द्रा और गोह विधायक अमरेन्द्र कुशवाहा को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। मुख्य कलाकार सुश्री डिम्पल भूमि सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगी। इसके बाद स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। पेंटिंग, रंगोली सहित विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। अंत में कलाकारों और आयोजन से जुड़े लोगों का सम्मान किया जाएगा। चार स्थानों पर नकल-अभिनय प्रतियोगिता, जीवंत होगी लोक संस्कृति सरकारी स्तर पर आयोजित जिउतिया लोक उत्सव के बाद दाउदनगर में नगर परिषद की ओर से चार दिवसीय जिउतिया लोक उत्सव आयोजित करने की भी तैयारी है। इसके तहत शहर के अलग-अलग स्थानों पर नकल-अभिनय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। पटवा टोली स्थित इमली तल चौक पर विद्यार्थी चेतना परिषद की ओर से आयोजन होगा। वहीं बम रोड में बम रोड नकल-अभिनय प्रतियोगिता समिति, कसेरा टोली में कांस्यकार पंचायत नकल-अभिनय प्रतियोगिता समिति और पुराना शहर में एकता संघ की ओर से नकल-अभिनय प्रतियोगिता आयोजित करने की तैयारी की गई है। इन आयोजनों में स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति के माध्यम से जिउतिया पर्व की पारंपरिक लोक संस्कृति, सामाजिक संदेश और नाट्य परंपरा को जीवंत करेंगे। वर्षों से चली आ रही नकल-अभिनय की यह परंपरा दाउदनगर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। पहली बार सरकारी सांस्कृतिक कैलेंडर में स्थान मिलने और सरकारी स्तर पर उत्सव आयोजित होने से दाउदनगर के लोगों तथा स्थानीय कलाकारों में खासा उत्साह है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस पहल से जिउतिया की ऐतिहासिक लोक परंपरा को जिला ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर भी नई पहचान मिलेगी। औरंगाबाद के दाउदनगर में ऐतिहासिक जिउतिया लोक परंपरा को इस वर्ष पहली बार सरकारी स्तर पर व्यापक पहचान मिलने जा रही है। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में नगर परिषद कार्यालय परिसर में जिउतिया लोक उत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के लिए कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से तीन लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। खास बात यह है कि जिउतिया लोक उत्सव को पहली बार बिहार सरकार के सांस्कृतिक कैलेंडर में भी शामिल किया गया है। दाउदनगर में जिउतिया पर्व की परंपरा करीब 1860 यानी संवत 1917 से चली आ रही है। पर्व के दौरान शहर के चार प्रमुख चौकों पर भगवान जीमूतवाहन की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है। अंतिम तीन दिनों में नकल-अभिनय, झांकियां और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहती हैं। सरकारी स्तर पर आयोजित होने वाले इस उत्सव से दाउदनगर की लोक संस्कृति को व्यापक मंच मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। मंत्री, सांसद और विधायक होंगे शामिल जिउतिया लोक उत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में औरंगाबाद जिले की प्रभारी मंत्री एवं पिछड़ा वर्ग तथा अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद और कला एवं संस्कृति विभाग सह खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा काराकाट सांसद राजाराम सिंह, औरंगाबाद सांसद अभय कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद के सदस्य अवधेश नारायण सिंह, दिलीप कुमार सिंह, जीवन कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष प्रमिला देवी, उपाध्यक्ष किरण सिंह और दाउदनगर उत्तरी के जिला परिषद सदस्य अमरेन्द्र कुमार के भी उपस्थित रहने की संभावना है। कुटुंबा विधायक ललन राम, नबीनगर विधायक चेतन आनंद, औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, रफीगंज विधायक प्रमोद सिंह, ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चन्द्रा और गोह विधायक अमरेन्द्र कुशवाहा को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। मुख्य कलाकार सुश्री डिम्पल भूमि सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगी। इसके बाद स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। पेंटिंग, रंगोली सहित विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। अंत में कलाकारों और आयोजन से जुड़े लोगों का सम्मान किया जाएगा। चार स्थानों पर नकल-अभिनय प्रतियोगिता, जीवंत होगी लोक संस्कृति सरकारी स्तर पर आयोजित जिउतिया लोक उत्सव के बाद दाउदनगर में नगर परिषद की ओर से चार दिवसीय जिउतिया लोक उत्सव आयोजित करने की भी तैयारी है। इसके तहत शहर के अलग-अलग स्थानों पर नकल-अभिनय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। पटवा टोली स्थित इमली तल चौक पर विद्यार्थी चेतना परिषद की ओर से आयोजन होगा। वहीं बम रोड में बम रोड नकल-अभिनय प्रतियोगिता समिति, कसेरा टोली में कांस्यकार पंचायत नकल-अभिनय प्रतियोगिता समिति और पुराना शहर में एकता संघ की ओर से नकल-अभिनय प्रतियोगिता आयोजित करने की तैयारी की गई है। इन आयोजनों में स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति के माध्यम से जिउतिया पर्व की पारंपरिक लोक संस्कृति, सामाजिक संदेश और नाट्य परंपरा को जीवंत करेंगे। वर्षों से चली आ रही नकल-अभिनय की यह परंपरा दाउदनगर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। पहली बार सरकारी सांस्कृतिक कैलेंडर में स्थान मिलने और सरकारी स्तर पर उत्सव आयोजित होने से दाउदनगर के लोगों तथा स्थानीय कलाकारों में खासा उत्साह है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस पहल से जिउतिया की ऐतिहासिक लोक परंपरा को जिला ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर भी नई पहचान मिलेगी।  

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