दरभंगा: 21 को दर्ज FIR में 22 सितंबर की तारीख:सिंहवाड़ा थाना की पुलिस ने ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड की कॉपी, पुलिस बोली- गलती हुई

दरभंगा: 21 को दर्ज FIR में 22 सितंबर की तारीख:सिंहवाड़ा थाना की पुलिस ने ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड की कॉपी, पुलिस बोली- गलती हुई

दरभंगा की सिंहवाड़ा थाना में 21 सितंबर दर्ज एक FIR में पुलिस की ओर से 22 सितंबर की तारीख डाल दी गई। इसके बाद एफआईआर को पोर्टल पर भी अपलोड कर दिया गया। यानी दस्तावेज के अनुसार पुलिस ने ऐसी घटना में कार्रवाई और गिरफ्तारी का उल्लेख किया है, जिसकी तारीख प्राथमिकी दर्ज होने के समय अभी आई ही नहीं थी। मामला सिंहवाड़ा थाना कांड संख्या 320/26 से जुड़ा बताया जा रहा है। प्राथमिकी में बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 37 के तहत कार्रवाई का उल्लेख है। पुलिस की ओर से दर्ज आवेदन में सिंहवाड़ा थाना में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार सिंह ने लिखा है कि 22 सितंबर 2026 को सुबह 6:15 बजे वह प्रथम पाली की गश्ती में बीएचजी/2744 सुशील मंडल, बीएचजी/302366 काजल कुमारी और बीएचजी/302365 जयंती कुमारी के साथ थाना से निकले थे। नशे में एक व्यक्ति के हंगामा करने की सूचना मिली थी आवेदन के अनुसार गश्ती के दौरान करीब 9:15 बजे लालपुर बाजार में पुलिस को सूचना मिली कि भरुल्ली में एक व्यक्ति नशे की हालत में हंगामा कर रहा है। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस टीम भरुल्ली पहुंची। वहां पुलिस बल और वाहन को देखकर एक व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो उसने अपना नाम मदन चौधरी (48), पिता बेचन चौधरी, निवासी भरुल्ली वार्ड नंबर-04, थाना सिंहवाड़ा बताया। पुलिस के आवेदन में आगे बताया गया है कि पूछताछ के दौरान मदन चौधरी के मुंह से शराब की गंध आ रही थी। इसके बाद उसे सुरक्षा के बीच थाना लाया गया और थाना में उपलब्ध ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच की गई। जांच में उसके श्वास में अल्कोहल की मात्रा 104 एमजी/100 एमएल पाए जाने का उल्लेख प्राथमिकी में किया गया है। इसके बाद गिरफ्तारी का कारण और आधार बताते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार कर हाजत में बंद करने की बात कही गई है। सवाल- 21 सितंबर को दर्ज FIR में 22 सितंबर की कार्रवाई कैसे? पूरे मामले में सबसे अहम सवाल प्राथमिकी की तारीख को लेकर है। उपलब्ध दस्तावेज में प्राथमिकी के केस रजिस्टर करने की तारीख 21 सितंबर 2026 है, जबकि पुलिस पदाधिकारी के लिखित आवेदन में गश्ती से लेकर गिरफ्तारी तक की पूरी कार्रवाई 22 सितंबर 2026 की बताई गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि प्राथमिकी 21 सितंबर को दर्ज की गई तो उसमें अगले दिन यानी 22 सितंबर को होने वाली कार्रवाई का विवरण कैसे दर्ज हो गया? मामले को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि प्राथमिकी दर्ज होने से पहले तैयार किए गए पुलिस आवेदन की कई स्तरों पर जांच और प्रक्रिया होती है। आवेदन तैयार होने के बाद उसके पंजीकरण, टाइपिंग, केस दर्ज करने और संबंधित अधिकारियों के सत्यापन की प्रक्रिया होती है। इसके बाद प्राथमिकी को पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड किया जाता है। ऐसे में दस्तावेज में तारीखों का यह अंतर महज टाइपिंग की त्रुटि है या प्रक्रिया में किसी स्तर पर गंभीर चूक हुई है, यह जांच का विषय है। ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्ज है मामला मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि प्राथमिकी केवल थाना के अभिलेख तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड किया गया है। यानी प्राथमिकी तैयार होने, दर्ज होने और ऑनलाइन रिकॉर्ड में जाने के दौरान भी दस्तावेज में अंकित तारीखों का सत्यापन हुआ होगा। इसके बावजूद 21 सितंबर को दर्ज प्राथमिकी में 22 सितंबर की कार्रवाई का उल्लेख सामने आया है। पुलिस की कार्यशैली पर स्थानीय स्तर पर चर्चा दस्तावेज सामने आने के बाद सिंहवाड़ा क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस रिकॉर्ड में तारीख और समय का विशेष महत्व होता है। किसी गिरफ्तारी, बरामदगी या अन्य कार्रवाई की वास्तविक तारीख के आधार पर ही केस डायरी और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है। ऐसे में भविष्य की तारीख में कार्रवाई दिखना सामान्य गलती नहीं माना जा सकता। थानाध्यक्ष की ओर से वेरफिकेशन पर भी उठ रहे सवाल मामले में थानाध्यक्ष वसंत कुमार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार प्राथमिकी दर्ज होने के बाद इसे पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्ज किया गया है। ऐसे में सवाल है कि प्राथमिकी को अंतिम रूप देने और सत्यापित करने के दौरान 21 और 22 सितंबर की तारीख के अंतर पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी। इस संबंध में पूछे जाने पर सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष वसंत कुमार ने बताया कि प्राथमिकी में तारीख अंकित होने में टाइपिंग की गलती हुई है। उन्होंने कहा कि गलती हो गई है, जिसे शीघ्र ही सुधार लिया जाएगा। इसके लिए न्यायालय में शुद्धि पत्र देकर प्राथमिकी में दर्ज तारीख को सही करवाया जाएगा। दरभंगा की सिंहवाड़ा थाना में 21 सितंबर दर्ज एक FIR में पुलिस की ओर से 22 सितंबर की तारीख डाल दी गई। इसके बाद एफआईआर को पोर्टल पर भी अपलोड कर दिया गया। यानी दस्तावेज के अनुसार पुलिस ने ऐसी घटना में कार्रवाई और गिरफ्तारी का उल्लेख किया है, जिसकी तारीख प्राथमिकी दर्ज होने के समय अभी आई ही नहीं थी। मामला सिंहवाड़ा थाना कांड संख्या 320/26 से जुड़ा बताया जा रहा है। प्राथमिकी में बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 37 के तहत कार्रवाई का उल्लेख है। पुलिस की ओर से दर्ज आवेदन में सिंहवाड़ा थाना में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार सिंह ने लिखा है कि 22 सितंबर 2026 को सुबह 6:15 बजे वह प्रथम पाली की गश्ती में बीएचजी/2744 सुशील मंडल, बीएचजी/302366 काजल कुमारी और बीएचजी/302365 जयंती कुमारी के साथ थाना से निकले थे। नशे में एक व्यक्ति के हंगामा करने की सूचना मिली थी आवेदन के अनुसार गश्ती के दौरान करीब 9:15 बजे लालपुर बाजार में पुलिस को सूचना मिली कि भरुल्ली में एक व्यक्ति नशे की हालत में हंगामा कर रहा है। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस टीम भरुल्ली पहुंची। वहां पुलिस बल और वाहन को देखकर एक व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो उसने अपना नाम मदन चौधरी (48), पिता बेचन चौधरी, निवासी भरुल्ली वार्ड नंबर-04, थाना सिंहवाड़ा बताया। पुलिस के आवेदन में आगे बताया गया है कि पूछताछ के दौरान मदन चौधरी के मुंह से शराब की गंध आ रही थी। इसके बाद उसे सुरक्षा के बीच थाना लाया गया और थाना में उपलब्ध ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच की गई। जांच में उसके श्वास में अल्कोहल की मात्रा 104 एमजी/100 एमएल पाए जाने का उल्लेख प्राथमिकी में किया गया है। इसके बाद गिरफ्तारी का कारण और आधार बताते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार कर हाजत में बंद करने की बात कही गई है। सवाल- 21 सितंबर को दर्ज FIR में 22 सितंबर की कार्रवाई कैसे? पूरे मामले में सबसे अहम सवाल प्राथमिकी की तारीख को लेकर है। उपलब्ध दस्तावेज में प्राथमिकी के केस रजिस्टर करने की तारीख 21 सितंबर 2026 है, जबकि पुलिस पदाधिकारी के लिखित आवेदन में गश्ती से लेकर गिरफ्तारी तक की पूरी कार्रवाई 22 सितंबर 2026 की बताई गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि प्राथमिकी 21 सितंबर को दर्ज की गई तो उसमें अगले दिन यानी 22 सितंबर को होने वाली कार्रवाई का विवरण कैसे दर्ज हो गया? मामले को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि प्राथमिकी दर्ज होने से पहले तैयार किए गए पुलिस आवेदन की कई स्तरों पर जांच और प्रक्रिया होती है। आवेदन तैयार होने के बाद उसके पंजीकरण, टाइपिंग, केस दर्ज करने और संबंधित अधिकारियों के सत्यापन की प्रक्रिया होती है। इसके बाद प्राथमिकी को पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड किया जाता है। ऐसे में दस्तावेज में तारीखों का यह अंतर महज टाइपिंग की त्रुटि है या प्रक्रिया में किसी स्तर पर गंभीर चूक हुई है, यह जांच का विषय है। ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्ज है मामला मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि प्राथमिकी केवल थाना के अभिलेख तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड किया गया है। यानी प्राथमिकी तैयार होने, दर्ज होने और ऑनलाइन रिकॉर्ड में जाने के दौरान भी दस्तावेज में अंकित तारीखों का सत्यापन हुआ होगा। इसके बावजूद 21 सितंबर को दर्ज प्राथमिकी में 22 सितंबर की कार्रवाई का उल्लेख सामने आया है। पुलिस की कार्यशैली पर स्थानीय स्तर पर चर्चा दस्तावेज सामने आने के बाद सिंहवाड़ा क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस रिकॉर्ड में तारीख और समय का विशेष महत्व होता है। किसी गिरफ्तारी, बरामदगी या अन्य कार्रवाई की वास्तविक तारीख के आधार पर ही केस डायरी और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है। ऐसे में भविष्य की तारीख में कार्रवाई दिखना सामान्य गलती नहीं माना जा सकता। थानाध्यक्ष की ओर से वेरफिकेशन पर भी उठ रहे सवाल मामले में थानाध्यक्ष वसंत कुमार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार प्राथमिकी दर्ज होने के बाद इसे पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्ज किया गया है। ऐसे में सवाल है कि प्राथमिकी को अंतिम रूप देने और सत्यापित करने के दौरान 21 और 22 सितंबर की तारीख के अंतर पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी। इस संबंध में पूछे जाने पर सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष वसंत कुमार ने बताया कि प्राथमिकी में तारीख अंकित होने में टाइपिंग की गलती हुई है। उन्होंने कहा कि गलती हो गई है, जिसे शीघ्र ही सुधार लिया जाएगा। इसके लिए न्यायालय में शुद्धि पत्र देकर प्राथमिकी में दर्ज तारीख को सही करवाया जाएगा।  

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