दरभंगा के फेकला थाना क्षेत्र के छपरा घाट मठ दुर्गा पूजा मेले में एक सब इंस्पेक्टर पर दुकानदारों और स्थानीय युवकों के साथ मारपीट व गाली-गलौज करने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने कथित तौर पर सब इंस्पेक्टर रंजीत कुमार सिंह को एक कमरे में बंद कर दिया। बाद में थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और उन्हें वहां से ले गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सब इंस्पेक्टर रंजीत कुमार सिंह मंगलवार की रात मेले में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दुकान लगाने वाले लोगों और मेले में आए युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी। स्थानीय लोगों का दावा है कि दरोगा शराब के नशे में थे। उनके व्यवहार से मेले में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। बेटे को पीटने की सूचना पर पहुंची मां, दरोगा से हुई कहासुनी मेले में दुकान लगाने वाली कविता देवी ने बताया कि रात में कार्यक्रम चल रहा था और लोग उसे देख रहे थे। इसी दौरान एक दरोगा उनके बेटे को पीटने लगा। किसी ने उन्हें इसकी सूचना दी तो वह मौके पर पहुंचीं और बेटे को पीटने का कारण पूछा। कविता देवी के अनुसार, दरोगा ने दुकान बंद करने को कहा। इस पर उन्होंने कहा कि पहले कार्यक्रम बंद करवाया जाए, उसके बाद दुकान बंद करेंगे। महिला का आरोप है कि इसी बात पर दरोगा उनके बेटे को पीटते रहे और उन्हें गाली भी दी। उन्होंने बताया कि गुस्से में उन्होंने चप्पल उठाई, लेकिन वहां मौजूद मेला कमेटी के लोगों ने बीच-बचाव किया। महिला का दावा है कि दरोगा के मुंह से शराब पीने की गंध आ रही थी। मेला कमेटी के लोगों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया, जिससे कोई बड़ी घटना होने से बच गई। दुकानदार ने कहा- ग्राहकों को भी डंडे से पीटा मेले में दुकान लगाने वाले अशोक ने बताया कि वह समोसा और लिट्टी बना रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मी उनकी दुकान पर पहुंचे और एक ग्राहक को डंडा मार दिया। उनके अनुसार, पुलिसकर्मी ने तीन ग्राहकों को डंडे से पीटकर भगा दिया और दुकान बंद करने को कहा। अशोक का आरोप है कि ग्राहक नाश्ता कर रहे थे, लेकिन बिना किसी स्पष्ट कारण के उनके साथ मारपीट की गई। इससे दुकानदारों और वहां मौजूद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। युवक ने दिखाए चोट के निशान, कार्रवाई की मांग मारपीट का आरोप लगाने वाले 19 वर्षीय रविशंकर कुमार ने बताया कि वह रात करीब 11:15 बजे माता रानी के दर्शन करने गया था। वहां उसने दो-तीन लोगों को पीटते देखा। इसके बाद वह अपनी दुकान पर लौट आया। युवक के अनुसार, कुछ देर बाद दरोगा उसकी दुकान पर पहुंचे और गाली देने लगे। उसने आरोप लगाया कि दरोगा की आंखें लाल थीं और उनके मुंह से शराब की गंध आ रही थी। रविशंकर ने बताया कि दुकान बंद करने को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद दरोगा ने उसे चार डंडे मारे। उसने अपने हाथ पर चोट के निशान होने का दावा करते हुए कहा कि उसकी मां के साथ भी गाली-गलौज की गई। युवक ने संबंधित पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग की है। थानाध्यक्ष ने आरोपों से किया इनकार इस मामले में फेंकला थानाध्यक्ष वशिष्ठ कुमार ने बताया कि मेले से हटकर कुछ लोग नशा कर रहे थे। सूचना मिलने पर दरोगा वहां गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि वहां लोगों के साथ सख्ती से पेश आने और डांट-फटकार करने की बात सामने आई है। हालांकि, थानाध्यक्ष ने शराब के नशे में होने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं थी। उन्होंने बताया कि वह स्वयं मौके पर गए थे और उन्हें मामले की जानकारी है। दरभंगा के फेकला थाना क्षेत्र के छपरा घाट मठ दुर्गा पूजा मेले में एक सब इंस्पेक्टर पर दुकानदारों और स्थानीय युवकों के साथ मारपीट व गाली-गलौज करने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने कथित तौर पर सब इंस्पेक्टर रंजीत कुमार सिंह को एक कमरे में बंद कर दिया। बाद में थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और उन्हें वहां से ले गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सब इंस्पेक्टर रंजीत कुमार सिंह मंगलवार की रात मेले में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दुकान लगाने वाले लोगों और मेले में आए युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी। स्थानीय लोगों का दावा है कि दरोगा शराब के नशे में थे। उनके व्यवहार से मेले में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। बेटे को पीटने की सूचना पर पहुंची मां, दरोगा से हुई कहासुनी मेले में दुकान लगाने वाली कविता देवी ने बताया कि रात में कार्यक्रम चल रहा था और लोग उसे देख रहे थे। इसी दौरान एक दरोगा उनके बेटे को पीटने लगा। किसी ने उन्हें इसकी सूचना दी तो वह मौके पर पहुंचीं और बेटे को पीटने का कारण पूछा। कविता देवी के अनुसार, दरोगा ने दुकान बंद करने को कहा। इस पर उन्होंने कहा कि पहले कार्यक्रम बंद करवाया जाए, उसके बाद दुकान बंद करेंगे। महिला का आरोप है कि इसी बात पर दरोगा उनके बेटे को पीटते रहे और उन्हें गाली भी दी। उन्होंने बताया कि गुस्से में उन्होंने चप्पल उठाई, लेकिन वहां मौजूद मेला कमेटी के लोगों ने बीच-बचाव किया। महिला का दावा है कि दरोगा के मुंह से शराब पीने की गंध आ रही थी। मेला कमेटी के लोगों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया, जिससे कोई बड़ी घटना होने से बच गई। दुकानदार ने कहा- ग्राहकों को भी डंडे से पीटा मेले में दुकान लगाने वाले अशोक ने बताया कि वह समोसा और लिट्टी बना रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मी उनकी दुकान पर पहुंचे और एक ग्राहक को डंडा मार दिया। उनके अनुसार, पुलिसकर्मी ने तीन ग्राहकों को डंडे से पीटकर भगा दिया और दुकान बंद करने को कहा। अशोक का आरोप है कि ग्राहक नाश्ता कर रहे थे, लेकिन बिना किसी स्पष्ट कारण के उनके साथ मारपीट की गई। इससे दुकानदारों और वहां मौजूद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। युवक ने दिखाए चोट के निशान, कार्रवाई की मांग मारपीट का आरोप लगाने वाले 19 वर्षीय रविशंकर कुमार ने बताया कि वह रात करीब 11:15 बजे माता रानी के दर्शन करने गया था। वहां उसने दो-तीन लोगों को पीटते देखा। इसके बाद वह अपनी दुकान पर लौट आया। युवक के अनुसार, कुछ देर बाद दरोगा उसकी दुकान पर पहुंचे और गाली देने लगे। उसने आरोप लगाया कि दरोगा की आंखें लाल थीं और उनके मुंह से शराब की गंध आ रही थी। रविशंकर ने बताया कि दुकान बंद करने को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद दरोगा ने उसे चार डंडे मारे। उसने अपने हाथ पर चोट के निशान होने का दावा करते हुए कहा कि उसकी मां के साथ भी गाली-गलौज की गई। युवक ने संबंधित पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग की है। थानाध्यक्ष ने आरोपों से किया इनकार इस मामले में फेंकला थानाध्यक्ष वशिष्ठ कुमार ने बताया कि मेले से हटकर कुछ लोग नशा कर रहे थे। सूचना मिलने पर दरोगा वहां गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि वहां लोगों के साथ सख्ती से पेश आने और डांट-फटकार करने की बात सामने आई है। हालांकि, थानाध्यक्ष ने शराब के नशे में होने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं थी। उन्होंने बताया कि वह स्वयं मौके पर गए थे और उन्हें मामले की जानकारी है।

