दरभंगा में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मुबारक के मौके पर बुधवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण इलाकों में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाली गई। अशोक पेपर मिल, पतोर, हायाघाट, सिंहवाड़ा समेत कई क्षेत्रों में जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद के बताए अमन, मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
शहर में भी जुलूस निकाला गया, जो विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए किला घाट पहुंचेगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीपीओ रैंक के अधिकारियों से लेकर एसआई, एएसआई और सिपाहियों तक की तैनाती की गई थी। प्रशासन के अनुसार, जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा था। ग्रामीणों की ओर से जगह-जगह शरबत और पानी की व्यवस्था की गई। भरवाड़ा में डीजे को लेकर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
इधर, सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भरवाड़ा बाजार से गुजर रहे जुलूस के दौरान डीजे को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए गए। सिंहवाड़ा प्रखंड बजरंग दल के कोषाध्यक्ष पिंटू गुप्ता ने आरोप लगाया कि रामनवमी और दुर्गा पूजा जैसे हिंदू पर्वों के दौरान डीजे पर प्रशासन की ओर से रोक लगाई जाती है, जबकि बुधवार को जुलूस में करीब 200 की संख्या में डीजे और साउंड सिस्टम दिखाई दिए।
उन्होंने कहा कि रामनवमी के दौरान डीजे को पुलिस ने जब्त किया था। नियम-कानून सभी समुदायों और पर्वों के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से जुलूस में डीजे के इस्तेमाल के मामले में भी समान कार्रवाई की मांग की। कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले हिंदू के पर्व त्योहार में हम लोग भी खुलकर डीजे बजाएंगे।
तेज आवाज को कम कराया गया
एसडीपीओ कमतौल एसके सुमन ने बताया कि जुलूस के लिए लाइसेंस लिया गया था। उन्होंने कहा कि डीजे बजाने का लाइसेंस नहीं दिया जाता है। जुलूस में साउंड बॉक्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। स्थानीय लोगों की ओर से आवाज तेज होने की शिकायत मिलने पर उसे कम कराया गया।
उन्होंने कहा कि यदि कोई निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए डीजे बजाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि पूर्व में रामनवमी के दौरान भरवाड़ा में डीजे जब्त कर कार्रवाई की गई थी। वर्तमान जुलूस की निगरानी के लिए प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी लगातार तैनात हैं। बहुआरा बुजुर्ग में बच्चों ने लहराया तिरंगा
बहुआरा बुजुर्ग गांव में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। मदरसा गुलशन-ए-गरीब नवाज बहुआरा बुजुर्ग के बच्चों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग इसमें शामिल हुए। जुलूस नूरी दरवाजा, आजाद चौक समेत गांव की विभिन्न गलियों से गुजरा।
जुलूस का आयोजन कारी मोहम्मद नेमतुल्लाह रजवी की अध्यक्षता में किया गया। मौके पर मोहम्मद अशफाक, मोहम्मद सलाउद्दीन, मोहम्मद तौफीक, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद शमीम, मोहम्मद रिजवान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे मौजूद थे। चंदनपट्टी, सिधौली और घोषरामा में भी निकला जुलूस
अशोक पेपर मिल, पतोड़ और हायाघाट थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में भी जुलूस निकाला गया। चंदनपट्टी पंचायत, सिधौली पंचायत और घोषरामा पंचायत के अनार कोठी समेत कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस में हिस्सा लिया। जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए निर्धारित स्थानों पर पहुंचा।
इस दौरान लोगों ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद की शिक्षाएं, इंसानियत, प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश देती हैं। जुलूस के माध्यम से समाज में आपसी एकता और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया गया। पर्व को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाती रही। दरभंगा में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मुबारक के मौके पर बुधवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण इलाकों में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाली गई। अशोक पेपर मिल, पतोर, हायाघाट, सिंहवाड़ा समेत कई क्षेत्रों में जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद के बताए अमन, मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
शहर में भी जुलूस निकाला गया, जो विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए किला घाट पहुंचेगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीपीओ रैंक के अधिकारियों से लेकर एसआई, एएसआई और सिपाहियों तक की तैनाती की गई थी। प्रशासन के अनुसार, जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा था। ग्रामीणों की ओर से जगह-जगह शरबत और पानी की व्यवस्था की गई। भरवाड़ा में डीजे को लेकर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
इधर, सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भरवाड़ा बाजार से गुजर रहे जुलूस के दौरान डीजे को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए गए। सिंहवाड़ा प्रखंड बजरंग दल के कोषाध्यक्ष पिंटू गुप्ता ने आरोप लगाया कि रामनवमी और दुर्गा पूजा जैसे हिंदू पर्वों के दौरान डीजे पर प्रशासन की ओर से रोक लगाई जाती है, जबकि बुधवार को जुलूस में करीब 200 की संख्या में डीजे और साउंड सिस्टम दिखाई दिए।
उन्होंने कहा कि रामनवमी के दौरान डीजे को पुलिस ने जब्त किया था। नियम-कानून सभी समुदायों और पर्वों के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से जुलूस में डीजे के इस्तेमाल के मामले में भी समान कार्रवाई की मांग की। कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले हिंदू के पर्व त्योहार में हम लोग भी खुलकर डीजे बजाएंगे।
तेज आवाज को कम कराया गया
एसडीपीओ कमतौल एसके सुमन ने बताया कि जुलूस के लिए लाइसेंस लिया गया था। उन्होंने कहा कि डीजे बजाने का लाइसेंस नहीं दिया जाता है। जुलूस में साउंड बॉक्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। स्थानीय लोगों की ओर से आवाज तेज होने की शिकायत मिलने पर उसे कम कराया गया।
उन्होंने कहा कि यदि कोई निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए डीजे बजाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि पूर्व में रामनवमी के दौरान भरवाड़ा में डीजे जब्त कर कार्रवाई की गई थी। वर्तमान जुलूस की निगरानी के लिए प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी लगातार तैनात हैं। बहुआरा बुजुर्ग में बच्चों ने लहराया तिरंगा
बहुआरा बुजुर्ग गांव में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। मदरसा गुलशन-ए-गरीब नवाज बहुआरा बुजुर्ग के बच्चों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग इसमें शामिल हुए। जुलूस नूरी दरवाजा, आजाद चौक समेत गांव की विभिन्न गलियों से गुजरा।
जुलूस का आयोजन कारी मोहम्मद नेमतुल्लाह रजवी की अध्यक्षता में किया गया। मौके पर मोहम्मद अशफाक, मोहम्मद सलाउद्दीन, मोहम्मद तौफीक, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद शमीम, मोहम्मद रिजवान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे मौजूद थे। चंदनपट्टी, सिधौली और घोषरामा में भी निकला जुलूस
अशोक पेपर मिल, पतोड़ और हायाघाट थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में भी जुलूस निकाला गया। चंदनपट्टी पंचायत, सिधौली पंचायत और घोषरामा पंचायत के अनार कोठी समेत कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस में हिस्सा लिया। जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए निर्धारित स्थानों पर पहुंचा।
इस दौरान लोगों ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद की शिक्षाएं, इंसानियत, प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश देती हैं। जुलूस के माध्यम से समाज में आपसी एकता और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया गया। पर्व को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाती रही।

