दरभंगा- बच्चे को फिर मिला माता-पिता का प्यार:मध्यस्थता से सुलझा पति-पत्नी का विवाद, टूटने से बचा परिवार; जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने कराया समझौता

दरभंगा- बच्चे को फिर मिला माता-पिता का प्यार:मध्यस्थता से सुलझा पति-पत्नी का विवाद, टूटने से बचा परिवार; जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने कराया समझौता

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के मध्यस्थता केंद्र में चल रहे ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता-3.0’ अभियान के तहत एक वैवाहिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया गया। पति चंदन और पत्नी पूजा के बीच चल रहे विवाद को मध्यस्थता के जरिए सुलझाकर परिवार को टूटने से बचाया गया। समझौते के बाद दोनों परिवार फिर से एक साथ आए और उनके बच्चे को माता-पिता का स्नेह मिल सका। परिवार के एक साथ होने से बच्चा भी काफी खुश नजर आया। बातचीत के जरिए दूर किए मतभेद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा अजय कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में यह पहल की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने बताया कि जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम उपेन्द्र कुमार की अदालत से मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा गया था। प्रशिक्षित मध्यस्थ अनिल कुमार प्रसाद और सचिव आरती कुमारी ने पति-पत्नी के बीच संवाद स्थापित कराया। मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षों की समस्याओं और मतभेदों को समझते हुए समाधान के लिए बातचीत कराई गई। अंत में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और वैवाहिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया। मध्यस्थता विवाद निपटारे का सरल माध्यम – सचिव आरती कुमारी ने कहा कि मध्यस्थता विवादों के निपटारे का सरल और प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए पक्षकार आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर सकते हैं। यह विवादों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने की बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से निपटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों को त्वरित, सुलभ और प्रभावी न्याय मिल सके। मध्यस्थता की कार्यवाही को सफल बनाने में अधिवक्ता मदन कुमार सिंह और राजेंद्र कुमार ने भी सहयोग किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के मध्यस्थता केंद्र में चल रहे ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता-3.0’ अभियान के तहत एक वैवाहिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया गया। पति चंदन और पत्नी पूजा के बीच चल रहे विवाद को मध्यस्थता के जरिए सुलझाकर परिवार को टूटने से बचाया गया। समझौते के बाद दोनों परिवार फिर से एक साथ आए और उनके बच्चे को माता-पिता का स्नेह मिल सका। परिवार के एक साथ होने से बच्चा भी काफी खुश नजर आया। बातचीत के जरिए दूर किए मतभेद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा अजय कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में यह पहल की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने बताया कि जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम उपेन्द्र कुमार की अदालत से मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा गया था। प्रशिक्षित मध्यस्थ अनिल कुमार प्रसाद और सचिव आरती कुमारी ने पति-पत्नी के बीच संवाद स्थापित कराया। मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षों की समस्याओं और मतभेदों को समझते हुए समाधान के लिए बातचीत कराई गई। अंत में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और वैवाहिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया। मध्यस्थता विवाद निपटारे का सरल माध्यम – सचिव आरती कुमारी ने कहा कि मध्यस्थता विवादों के निपटारे का सरल और प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए पक्षकार आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर सकते हैं। यह विवादों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने की बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से निपटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों को त्वरित, सुलभ और प्रभावी न्याय मिल सके। मध्यस्थता की कार्यवाही को सफल बनाने में अधिवक्ता मदन कुमार सिंह और राजेंद्र कुमार ने भी सहयोग किया।  

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