दरभंगा- इस्लामिक झंडा जलाने के मामले में FIR:साइबर थाना ने सोशल मीडिया पर वीडियो देख लिया संज्ञान, डीएसपी बोले- कानूनी कार्रवाई होगी

दरभंगा- इस्लामिक झंडा जलाने के मामले में FIR:साइबर थाना ने सोशल मीडिया पर वीडियो देख लिया संज्ञान, डीएसपी बोले- कानूनी कार्रवाई होगी

दरभंगा:-सोशल मीडिया पर इस्लामिक झंडा जलाने का वीडियो पोस्ट करने के मामले में दरभंगा साइबर थाने की पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है।इस संबंध में साइबर थाना में कांड संख्या 68/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 302 और 352 तथा आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 और 69(ए) लगाई गई है। मामले की जांच एसआई जूली कुमारी को सौंपी गई है। साइबर थाना के डीएसपी बिपिन बिहारी ने बताया कि ट्विटर (एक्स) पर CYBER UMMAH नामक अकाउंट से दरभंगा पुलिस को टैग कर एक इंस्टाग्राम वीडियो की जानकारी दी गई थी। वीडियो में कुछ छोटे बच्चों द्वारा चांद-तारे वाले हरे इस्लामिक झंडे को जलाते हुए दिखाया गया था। यह वीडियो शिवम कुमार चौपाल नामक व्यक्ति की इंस्टाग्राम आईडी से पोस्ट किया गया था।पुलिस को आशंका थी कि इस तरह की पोस्ट से एक विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। डीएसपी ने बताया कि इस मामले में किसी व्यक्ति की ओर से लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। साइबर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक मो. वसी अहमद के बयान पर वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए इंस्टाग्राम को भी पत्र लिखा है। प्लेटफॉर्म से जानकारी मिलने के बाद अकाउंट संचालक के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए दरभंगा साइबर थाना में विशेष यूनिट काम कर रही है। किसी भी ऐसी पोस्ट या वीडियो पर, जिससे किसी समुदाय की भावना आहत होने या विवाद उत्पन्न होने की आशंका रहती है, पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करती है। डीएसपी ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल सोच-समझकर करने दें। अभिभावक इस बात पर भी नजर रखें कि बच्चे सोशल मीडिया का उपयोग किस उद्देश्य से कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के बाद उसे डिलीट कर देने से भी व्यक्ति पुलिस की कार्रवाई से नहीं बच सकता।डिजिटल गतिविधियों के तकनीकी साक्ष्य और फुटप्रिंट की मदद से अनुसंधान किया जाता है। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि बिना सोचे-समझे किसी भी विवादित वीडियो या सामग्री को पोस्ट अथवा वायरल करने से बचें। मामले में फिलहाल अनुसंधान जारी है। दरभंगा:-सोशल मीडिया पर इस्लामिक झंडा जलाने का वीडियो पोस्ट करने के मामले में दरभंगा साइबर थाने की पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है।इस संबंध में साइबर थाना में कांड संख्या 68/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 302 और 352 तथा आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 और 69(ए) लगाई गई है। मामले की जांच एसआई जूली कुमारी को सौंपी गई है। साइबर थाना के डीएसपी बिपिन बिहारी ने बताया कि ट्विटर (एक्स) पर CYBER UMMAH नामक अकाउंट से दरभंगा पुलिस को टैग कर एक इंस्टाग्राम वीडियो की जानकारी दी गई थी। वीडियो में कुछ छोटे बच्चों द्वारा चांद-तारे वाले हरे इस्लामिक झंडे को जलाते हुए दिखाया गया था। यह वीडियो शिवम कुमार चौपाल नामक व्यक्ति की इंस्टाग्राम आईडी से पोस्ट किया गया था।पुलिस को आशंका थी कि इस तरह की पोस्ट से एक विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। डीएसपी ने बताया कि इस मामले में किसी व्यक्ति की ओर से लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। साइबर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक मो. वसी अहमद के बयान पर वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए इंस्टाग्राम को भी पत्र लिखा है। प्लेटफॉर्म से जानकारी मिलने के बाद अकाउंट संचालक के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए दरभंगा साइबर थाना में विशेष यूनिट काम कर रही है। किसी भी ऐसी पोस्ट या वीडियो पर, जिससे किसी समुदाय की भावना आहत होने या विवाद उत्पन्न होने की आशंका रहती है, पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करती है। डीएसपी ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल सोच-समझकर करने दें। अभिभावक इस बात पर भी नजर रखें कि बच्चे सोशल मीडिया का उपयोग किस उद्देश्य से कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के बाद उसे डिलीट कर देने से भी व्यक्ति पुलिस की कार्रवाई से नहीं बच सकता।डिजिटल गतिविधियों के तकनीकी साक्ष्य और फुटप्रिंट की मदद से अनुसंधान किया जाता है। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि बिना सोचे-समझे किसी भी विवादित वीडियो या सामग्री को पोस्ट अथवा वायरल करने से बचें। मामले में फिलहाल अनुसंधान जारी है।  

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