दमोह में रविवार दोपहर असाटी समाज ने कावड़ यात्रा निकाली। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जटाशंकर मंदिर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। लोगों ने जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं अपने कंधों पर कावड़ लेकर शामिल हुईं। श्रद्धालु ‘ओम नमः शिवाय’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। भगवान शिव के वेश में कलाकार और एक डमरू दल भी यात्रा का हिस्सा थे। कावड़ यात्रा राम मंदिर से शुरू हुई। यह बकौली चौराहा, घंटाघर, कीर्ति स्तंभ और कोतवाली चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। यात्रा के सुगम संचालन के लिए प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। कई लोग हुए शामिल श्रावण मास के दौरान जिले भर में विभिन्न कावड़ यात्राएं निकाली जा रही हैं। बरमान घाट से जागेश्वरधाम बांदकपुर तक भी श्रद्धालु कावड़ यात्राएं कर रहे हैं। असाटी समाज की इस यात्रा में समाज के सदस्यों के साथ-साथ अन्य समाजों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। आलोक असाटी, शैलेंद्र असाटी और अजय असाटी ने बताया कि यात्रा में छोटे बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठजनों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में दमोह असाटी समाज महिला समिति की भूमिका महत्वपूर्ण रही। अध्यक्ष नेहा असाटी के नेतृत्व में महिला टीम ने व्यवस्थाओं का संचालन किया। शैलजा असाटी और सुनीता असाटी ने इसमें प्रमुख भूमिका निभाई। शहर में यहां भी आयोजन इसके अतिरिक्त, सावन मास में शहर के बेलाताल टापू स्थित मंदिर और जेल परिसर के समीप स्थित शिव हनुमान मंदिर में प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग निर्माण का आयोजन भी किया जा रहा है।

