तिब्बत में फिर भूकंप, 5.9 तीव्रता:चीन और नेपाल में भी झटके; 10 दिन पहले आए भूकंप में 16 लोगों की मौत हुई थी

तिब्बत में फिर भूकंप, 5.9 तीव्रता:चीन और नेपाल में भी झटके; 10 दिन पहले आए भूकंप में 16 लोगों की मौत हुई थी

तिब्बत में रविवार को 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई जमीन से 9 किलोमीटर नीचे थी। वहीं, चीन के चिंघाई इलाके में 5.7 और नेपाल में भी 4.2 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। इससे पहले 15 अक्टूबर को तिब्बत में 7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 16 लोगों की मौत हुई थी। तिब्बत में पहले भी भूकंप मचा चुके तबाही तिब्बत दुनिया के उन इलाकों में शामिल है, जहां भूकंप आने का खतरा ज्यादा रहता है। यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इनकी हलचल से हिमालय पर्वत बना है, लेकिन इसी वजह से इलाके में भूकंप भी आते रहते हैं। जनवरी 2025 में तिब्बत के तिंगरी काउंटी में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें तिब्बत में करीब 400 लोगों की मौत हुई थी, जबकि पड़ोसी नेपाल में 13 लोगों की जान गई थी। इसके झटके उत्तर भारत समेत दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में महसूस किए गए थे। इससे पहले 2010 में पड़ोसी चीनी प्रांत छिंगहाई के युशू में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें कम से कम 2,698 लोगों की मौत हुई थी और करीब 300 लोग लापता हो गए थे। तिब्बत में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं? नेपाल के बैतड़ी जिले में भी भूकंप नेपाल के भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के मुताबिक, रविवार दोपहर बैतड़ी जिले के दिलासैनी इलाके में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया। यह इलाका सुदूरपश्चिम प्रांत में नेपाल-भारत सीमा के पास है। भूकंप के झटके बैतड़ी और दार्चुला जिलों के आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए। फिलहाल भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की तत्काल खबर नहीं है। अगस्त में बाढ़ से भी मची थी तबाही नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। चीन के तिब्बत से लगी सीमा के पास शुरू हुई इस बाढ़ का असर भोटेकोशी नदी और आसपास के इलाकों में देखने को मिला। अचानक आए तेज पानी ने घरों, सड़कों, पुलों और बिजली बनाने वाली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। इसमें 1455 लोगों की मौत हुई थी। साथ ही 5,285 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल में भूकंप आने का खतरा ज्यादा रहता है नेपाल में हर साल कई बार भूकंप आते हैं। इसकी वजह यह है कि देश हिमालय के ऐसे इलाके में स्थित है, जहां जमीन के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों में हलचल होती रहती है। नेपाल के कई हिस्से भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। यहां के इलाके भूकंपीय जोन-4 और जोन-5 में आते हैं, जहां भूकंप का खतरा ज्यादा रहता है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका के फ्लोरिडा में स्टेडियम के पास फायरिंग, 12 घायल: इनमें 6 बच्चे शामिल; गोलीबारी से पहले छात्रों के बीच झगड़ा हुआ था अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के तलहासी में शनिवार रात फुटबॉल स्टेडियम के पास फायरिंग में 12 लोग घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें…

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