कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बारां के तत्कालीन संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार आनंदीलाल मीणा के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया है। अधिकारी पर कृषि बीज, दवाइयां और खाद वितरण के लाइसेंस से जुड़े रजिस्टर और बिलों के वार्षिक सत्यापन के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। परिवादी ने रिश्वत नहीं देने पर लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दिए जाने की भी शिकायत की थी। ACB के अनुसार परिवादी ने 5 मई 2026 को ACB कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि उसके पास कृषि बीज वितरण, दवाइयां सप्लाई करने और खाद वितरण का लाइसेंस है। इन कार्यों से संबंधित रजिस्टर और बिलों का साल में एक बार संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार, बारां द्वारा सत्यापन किया जाता है। आरोप है कि सत्यापन की प्रक्रिया के बदले तत्कालीन संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा रिश्वत की मांग कर रहे थे। रिश्वत मांगने की पुष्टि, ट्रैप नहीं हो सका शिकायत के बाद ACB कोटा ने 6 मई 2026 को रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ACB की ओर से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान एक अन्य परिवादी की शिकायत पर ACB बारां ने आनन्दीलाल मीणा को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके चलते ACB कोटा द्वारा प्रस्तावित ट्रैप कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद ACB कोटा ने रिश्वत मांग के सत्यापन के आधार पर आरोपी अधिकारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। ACB कोटा रेंज के IG ओमप्रकाश मीना के निर्देशन और एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

