3 सितंबर को सागर आ रहा हूं, तुम भी आओ। भाग मत जाना वहीं होगा आमना-सामना। पुलिस प्रशासन को भी कह दे रहा हूं कि हमारे बीच में मत आना। इन जैसे कीड़े मकोड़े को तो हम कुछ नहीं मानते। हमने तो सांसद की… फोड़ी है। ये तो है ही क्या? सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए चुनौती दे रहा युवक करणी सेना से जुड़ा ओकेंद्र राणा है। ओकेंद्र का ये वीडियो आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर सिंह यादव के करणी सेना पर दिए गए विवादित बयान के बाद सामने आया है। इसके बाद दामोदर ने भी वीडियो जारी कर, ‘जमीन में गाड़ देने की” धमकी दी है। ये दोनों नेता पहले भी विवादित बयानों और आंदोलनों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। दामोदर यादव 3 सितंबर को सागर में सभा करने जा रहे हैं, उससे पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। क्या है विवाद की पूरी वजह, इसकी शुरुआत कहां से हुई… इससे पहले किन वजहों से दोनों विवादों में रहे हैं… पढ़िए पूरी रिपोर्ट- दामोदर के बयान से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत दामोदर यादव के करणी सेना को लेकर दिए गए बयान से हुई। उन्होंने संगठन को ‘कपूतों और चार गुंडों की सेना’ बताते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की।
बयान सामने आने के बाद दतिया में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने दामोदर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
इसके बाद करणी सेना से जुड़े ओकेंद्र राणा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया। राणा ने दामोदर यादव को संबोधित करते हुए कहा कि वह 3 सितंबर को हरियाणा से सागर आ रहे हैं।
उन्होंने दामोदर को अपना कार्यक्रम रद्द नहीं करने की चुनौती दी और आमने-सामने मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज और बहन-बेटियों पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
वीडियो में उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा नहीं लेने और दोनों के बीच प्रशासन के नहीं आने की बात भी कही। उन्होंने दामोदर को चुनौती देते हुए अपनी ‘बड़ी तोप’ साथ लाने तक की बात कही। दामोदर ने भी किया पलटवार
राणा के वीडियो के बाद दामोदर यादव ने सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया। उन्होंने राणा के बारे में कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि वह आगरा में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के घर हुए विवाद में भी चर्चा में रहे थे।
दामोदर ने अपनी पिछली टिप्पणी पर सफाई देने के बजाय उस पर कायम रहने की बात कही। उन्होंने करणी सेना को ‘चटनी सेना’ कहकर भी संबोधित किया और कहा कि कुछ लोग संगठन का नाम लेकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
राणा को लेकर उन्होंने कहा कि वे उनका ‘दिमाग दो मिनट में ठीक’ करवा देंगे और उन्हें अपनी मर्यादा में रहने की चेतावनी दी। दामोदर ने विरोध करने वालों को ‘ढाई हजार फुट गड्ढे में गाड़ने’ की बात भी दोहराई।
उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले हजारों गाड़ियों के साथ आते हैं तो उनके पास भी ढाई हजार लाठियां हैं। सिंध नदी (मप्र में बहने वाली) पार करके देखें, उसी नदी में गड़े हुए दिखाई देंगे। दामोदर यादव भी बयानों को लेकर चर्चा में रहे
दामोदर सिंह यादव मध्यप्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ से जुड़े आजाद समाज पार्टी के नेता हैं। वह पार्टी की राष्ट्रीय कोर कमेटी में भी सक्रिय रहे हैं।
हाल ही में दतिया विधानसभा उपचुनाव में पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया था। उन्हें करीब 18 हजार वोट मिले। इस चुनाव में उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा।
राजनीतिक गतिविधियों के अलावा दामोदर धार्मिक मुद्दों, कथावाचकों और संतों को लेकर दिए गए बयानों के कारण भी विवादों में रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री और परशुराम को लेकर भी विवाद
दामोदर यादव पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर दिए गए बयानों के कारण भी चर्चा में रहे हैं। फरवरी 2026 में उन्होंने कुछ संतों की महिलाओं को लेकर कथित टिप्पणियों पर सवाल उठाए थे।
उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को भाजपा का एजेंट बताया था। नवंबर 2025 में दतिया में धीरेंद्र शास्त्री के विरोध में हुए प्रदर्शन और पुतला दहन के बाद भी विवाद बढ़ा था।
आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी समर्थकों तथा हिंदू संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। पथराव के बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा था।
भगवान परशुराम और ब्राह्मण समाज को लेकर दिए गए उनके बयानों पर भी अलग-अलग संगठनों ने विरोध दर्ज कराया था। 3 सितंबर को सागर में क्या होगा?
अब विवाद का केंद्र 3 सितंबर है। ओकेंद्र राणा ने सागर पहुंचकर दामोदर यादव से आमने-सामने मिलने की चुनौती दी है। दूसरी ओर, दामोदर ने भी इस चुनौती का जवाब दिया है।
हालांकि बाद में दामोदर ने कहा कि वह 3 सितंबर को सागर नहीं आ रहे हैं और 19 सितंबर को दौरे पर रहेंगे। इसी बीच 7 सितंबर को भोपाल में बड़े आंदोलन की बात भी सामने आई है।
दामोदर ने एक अन्य फेसबुक पोस्ट में सोनीपत जाने और वहां उन्हें रोककर देखने की चुनौती का भी जिक्र किया है।
करणी सेना से जुड़े राहुल सिंह ने दावा किया है कि दामोदर के बयानों के विरोध में 3 सितंबर को सागर में 3 से 4 हजार लोग जुटेंगे।
उनके मुताबिक संगठन ने प्रशासन से आयोजन की अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली। इसके बावजूद आंदोलन रद्द नहीं करने की बात कही गई है।
महंत रामदास दूत ने भी सोशल मीडिया पर ओकेंद्र राणा के समर्थन में पोस्ट किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों की बयानबाजी और तेज हो गई। पुलिस का दावा- दोनों का साझा कार्यक्रम नहीं
विवाद के बीच पुलिस का कहना है कि 3 सितंबर को सागर में आजाद समाज पार्टी का एक सामान्य कार्यक्रम है और उसमें दामोदर यादव के शामिल होने की पुष्टि नहीं है।
पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों की बयानबाजी अलग-अलग है और करणी सेना का कार्यक्रम भी अलग है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि 3 सितंबर को सागर में जिस चुनौती की बातें सोशल मीडिया पर गर्म हैं वो महज पब्लिसिटी स्टंट हैं या वाकई दोनों आमने-सामने होंगे। हालांकि फिलहाल इसकी संभावना नजर नहीं आ रही।

