डूंगरपुर में लोगों में विटामिन डी का स्तर कम:200 मरीजों का ब्लड टेस्ट; थायराइड हार्मोन से संबंध पर शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित

डूंगरपुर में लोगों में विटामिन डी का स्तर कम:200 मरीजों का ब्लड टेस्ट; थायराइड हार्मोन से संबंध पर शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित

डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के शोधकर्ताओं के अध्ययन में विटामिन डी की कमी और थायराइड हार्मोन के स्तर के बीच संभावित संबंध सामने आया है। श्रीहरिदेव जोशी जिला अस्पताल में भर्ती और इलाज करा रहे 200 मरीजों के ब्लड टेस्ट में विटामिन डी का औसत स्तर 19.5 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर मिला, जो सामान्य स्तर से कम है। यह शोध डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. नीलेश कुमार व्यास के मार्गदर्शन में किया गया। शोधकर्ताओं ने मरीजों में विटामिन डी के साथ फ्री टी-3, फ्री टी-4 और थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (टीएसएच) के स्तर का विश्लेषण किया। शोध में विटामिन डी और टीएसएच के बीच हल्का विपरीत संबंध मिला। फ्री टी-3 और टी-4 के साथ हल्का सकारात्मक संबंध सामने आया। विटामिन डी की गंभीर कमी वाले मरीजों में टीएसएच का स्तर अपेक्षाकृत अधिक पाया गया। शोधकर्ताओं के अनुसार टीएसएच का बढ़ा स्तर हाइपोथायरॉइडिज्म का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में थायराइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाती। इससे वजन बढ़ना, थकान, कमजोरी, रूखी त्वचा, बाल झड़ना और ठंड अधिक लगना जैसी परेशानियां हो सकती हैं। यह अध्ययन 22 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘एक्टा मेडिका इंटरनेशनल’ में प्रकाशित हुआ। शोध दल में डॉ. जयना उपाध्याय व्यास, डॉ. अंकिता खराड़ी, डॉ. हृदय जैन और डॉ. विजेश भोई भी शामिल रहे। शोधकर्ताओं का कहना है कि थायराइड विकारों से जूझ रहे मरीजों में विटामिन डी के स्तर की जांच उपयोगी हो सकती है। हालांकि, इस अध्ययन से यह साबित नहीं होता कि विटामिन डी की कमी ही थायराइड की समस्या का कारण है। इसकी पुष्टि के लिए बड़े स्तर पर और लंबे समय तक अध्ययन की जरूरत है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *