डूंगरपुर में पंचायतीराज चुनावों को लेकर नामांकन पत्रों की जांच के बाद तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। 37 वार्डों में अब भाजपा, कांग्रेस, बीएपी के साथ 6 वार्डों में सीपीआईएम और 8 वार्डों में 11 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में है। सबसे ज्यादा भाजपा के बागी पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे है। वही 23 वार्डों में साफ तौर पर त्रिकोणीय मुकाबला है। ऐसे में नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की तस्वीर पूरी तरफ से साफ हो जाएगी। CPIM ने 6 वार्डों में प्रत्याशी उतारे
डूंगरपुर जिला परिषद के 37 वार्डों के लिए 173 उम्मीदवारों की ओर से 177 नामांकन दाखिल किए गए थे। निर्वाचन विभाग की ओर से नामांकन पत्रों की जांच के बाद सिम्बल नहीं मिलने वाले पार्टी प्रत्याशियों के नामांकन खारिज कर दिए। इसके बाद अब 128 उम्मीदवार मैदान में है। इसमें भाजपा, कांग्रेस और बीएपी ने सभी 37 वार्डों में उम्मीदवार है। जबकि सीपीआईएम ने 6 वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे है। एक ही वार्ड में भाजपा से ही 3 बागी
इसके अलावा 11 निर्दलीय प्रत्याशी है। जिसमें वार्ड 30 में भाजपा से ही 3 बागी है । इसी वार्ड में सबसे ज्यादा 6 प्रत्याशी है। जिसमे भाजपा से पूर्व जिलाध्यक्ष वेलजी पाटीदार है। वही भाजपा से ही बागी विनोद जोशी, रणजीत सिंह ओर कमलेंद्र सिंह चुण्डावत समीकरण बिगाड़ रहे है। कांग्रेस और बीएपी भी यहां टक्कर दे रहे है। चाचा-भतीजा को भाजपा ने दिए टिकिट
जिला परिषद चुनावों में इस बार भाजपा से चाचा और भतीजा दोनो मैदान में है। वार्ड 34 पुनाली से भाजपा ने वासुदेव कटारा को टिकिट दिया है। वे वसी पाल पंचायत के निवर्तमान सरपंच है। वे 2 बार सरपंच रह चुके है। वही वार्ड 36 बिलड़ी से उनके भतीजे अनुराग कटारा को भाजपा ने टिकिट दिया है। अनुराग लंबे समय से एबीवीपी से जुड़े है। वे नगर भाजपा के महामंत्री भी है। डूंगरपुर जिला परिषद के 37 वार्डों के लिए उम्मीदवार…

